चंदौली-तीरगाँवा फोरलेन सड़क निर्माण में लापरवाही, कस्बे में सड़क अधूरा छोड़ने से लोगों में आक्रोश

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चंदौली-तीरगाँवा फोरलेन सड़क निर्माण में लापरवाही, कस्बे में सड़क अधूरा छोड़ने से लोगों में आक्रोश

चंदौली : जिले में चंदौली जिला मुख्यालय से तीरगाँवा मारूफपुर तक 30 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाईवे का निर्माण पिछले दो वर्षों से जारी है। यह सड़क क्षेत्र के विकास और यातायात सुविधा को बढ़ाने के उद्देश्य से बनाई जा रही है, लेकिन निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाहियों के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

चहनियां कस्बे में अधूरी छोड़ी गई सड़क बनी मुसीबत

निर्माणाधीन सड़क के तहत कई स्थानों पर काम अधूरा छोड़ा गया है, लेकिन सबसे गंभीर स्थिति चहनियां कस्बे में देखने को मिल रही है। यहां करीब 300 मीटर लंबी सड़क को अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे आम लोगों के लिए आवागमन कठिन हो गया है। सड़क की ऊँचाई बढ़ाने के लिए किनारों पर गिट्टी डालकर छोड़ दी गई है, जिससे आए दिन राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है।

धूल और जाम से लोगों का हाल बेहाल

अधूरी सड़क के कारण चहनियां कस्बे में हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़कों पर उड़ती धूल ने स्थानीय निवासियों, राहगीरों और दुकानदारों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। धूल के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, जिससे सांस से जुड़ी बीमारियों के बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लगातार उड़ती धूल के कारण उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और ग्राहक बाजार आने से कतराने लगे हैं।

पानी छिड़काव में लापरवाही, कार्यदायी कंपनी पर उठे सवाल

निर्माण कार्य के दौरान प्रदूषण को कम करने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए, लेकिन इसमें भी घोर लापरवाही बरती जा रही है। सुबह और शाम महज खानापूर्ति के लिए हल्का छिड़काव किया जाता है, जिससे धूल का गुबार कम नहीं हो रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्यदायी कंपनी के अधिकारी और जिम्मेदार इन समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं और लोगों को परेशान होता देख चुप्पी साधे बैठे हैं।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से की सड़क निर्माण पूरा करने की मांग

चहनियां कस्बे के निवासियों और व्यापारियों ने इस समस्या को लेकर आक्रोश जताया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द अधूरी सड़क का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए, ताकि लोगों को हो रही परेशानियों से राहत मिल सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

प्रशासन और कंपनी कब लेंगे संज्ञान?

फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना को लेकर सरकार ने विकास का सपना दिखाया था, लेकिन अधूरे निर्माण और अनदेखी के कारण यह लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और निर्माण कंपनी इस समस्या को गंभीरता से लेते हैं या फिर स्थानीय लोगों को संघर्ष करके ही अपनी आवाज बुलंद करनी पड़ेगी।