बाबा साहब की जयंती पर जनपद में चला विशेष स्वच्छता अभियान, ग्रामीण क्षेत्रों में दिखा उत्साह
चंदौली : संविधान निर्माता, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे के निर्देश पर चंदौली जनपद के सभी विकास खंडों में एक व्यापक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। यह विशेष अभियान बाबा साहब के प्रति श्रद्धा और स्वच्छ भारत मिशन की भावना को समर्पित रहा। जनपद के विभिन्न हिस्सों में स्थित बाबा साहब की मूर्तियों एवं सार्वजनिक स्थलों की विशेष सफाई की गई और नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
अधिकारियों और कर्मचारियों की रही सक्रिय भागीदारी
इस स्वच्छता अभियान में जनपद के ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ), सहायक विकास अधिकारी पंचायत (एडीओ पंचायत) और सफाईकर्मियों ने अग्रणी भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर बाबा साहब की मूर्तियों के आसपास सफाई की, सार्वजनिक स्थलों की धुलाई की और कूड़ा निस्तारण का कार्य संपन्न किया। इस अभियान के दौरान झाड़ियों की कटाई, सड़क किनारे सफाई और नालियों की सफाई भी की गई।
पीडी डीआरडीए ने बताया स्वच्छता का महत्व
इस अवसर पर परियोजना निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (पीडी डीआरडीए) बी.बी. सिंह ने कहा, “बाबा साहब न केवल भारत के संविधान निर्माता थे, बल्कि उन्होंने समाज में समानता, स्वच्छता और सम्मान का भी संदेश दिया। स्वच्छता उनके विचारों की मूल भावना का हिस्सा थी। ऐसे में यह हमारा नैतिक कर्तव्य बनता है कि उनकी जयंती पर हम इस प्रकार के जनहित कार्य करके उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दें।”
ग्रामीण क्षेत्रों में दिखी विशेष सक्रियता
अभियान को सफल बनाने में पंचायत विभाग की अहम भूमिका रही। जनपद के विभिन्न ग्राम पंचायतों डहिया, महाबलपुर (नियमताबाद), एवं सेवढी हुदहुदीपुर (चहनियां) में विशेष रूप से सफाई कार्यक्रम चलाया गया। इन स्थलों पर ग्रामीणों ने भी स्वेच्छा से भागीदारी की और स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
जनजागरूकता के साथ दी गई प्रेरणा
अभियान के दौरान ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने, खुले में शौच न करने, प्लास्टिक का उपयोग न करने और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया। बीडीओ और एडीओ पंचायत ने ग्रामवासियों से संवाद कर उन्हें स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया और स्वच्छ भारत मिशन में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
इस तरह बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को चंदौली जनपद प्रशासन ने स्वच्छता और जनजागरूकता से जोड़कर एक अनुकरणीय पहल की। यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाबा साहब के आदर्शों और मूल्यों को जनमानस तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी बना।


















