प्रधानमंत्री की नीतियों और चाइना-पाकिस्तान पर सपा सांसद का तीखा हमला
चंदौली : समाजवादी पार्टी के सांसद बीरेंद्र सिंह मंगलवार को चंदौली पहुंचे, जहां उन्होंने जिले में बाढ़ समस्या को लेकर कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग से मुलाकात की। सांसद ने बाढ़ प्रभावितों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए प्रशासन से उचित मुआवजा देने की मांग की।
इस दौरान सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों, चाइना से संबंध, गलवान घाटी घटना, ऑपरेशन सिंदूर, नोटबंदी, और उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के मुद्दों पर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।
चाइना और गलवान घाटी पर पीएम पर हमला
सांसद बीरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा “ये वही चाइना के राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं, जिनको प्रधानमंत्री साबरमती के तट पर झूला झुला रहे थे। इसके बाद गलवान घाटी में चाइना ने हमारे जवानों को डुबो-डुबो कर मारा।” उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन सिंदूर के समय भी चाइना ने पाकिस्तान का साथ दिया, लेकिन केंद्र सरकार अभी भी चीन के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने में लगी हुई है।
उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप
सपा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सम्मान को गिरवी रखकर दो बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा “कौन हितैषी है और कौन दुश्मन, इसकी पहचान किए बिना प्रधानमंत्री व्यापारिक दृष्टिकोण से केवल उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री के इस कृत्य की निंदा की जानी चाहिए।”
नोटबंदी और पीएम की लोकप्रियता पर कटाक्ष
सांसद बीरेंद्र सिंह ने नोटबंदी को लेकर भी प्रधानमंत्री को घेरा। उन्होंने कहा “नोटबंदी के समय प्रधानमंत्री ने अपनी सस्ती लोकप्रियता के लिए अपनी मां को लाइन में लगवाया। यह सब जनता का ध्यान भटकाने के लिए किया गया था।”
वोट चोरी और इंडिया गठबंधन का दावा
सांसद ने कहा कि भाजपा गरीबों के वोट चुराने की साजिश रच रही है, लेकिन अब जनता जागरूक हो चुकी है। उन्होंने कहा “भाजपा के वोट चोरी करने के राज को राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन ने पर्दाफाश कर दिया है। अब जनता सब समझ चुकी है और पूरे देश में ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का नारा गूंज रहा है।”
कलेक्ट्रेट में बाढ़ पीड़ितों के लिए आवाज बुलंद
सपा सांसद बीरेंद्र सिंह ने चंदौली के बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि प्रशासन बाढ़ पीड़ितों को तुरंत राहत सामग्री उपलब्ध कराए और उचित मुआवजा सुनिश्चित करें।


















