महाकुंभ में उपस्थिति दर्ज करवाने में जुटा विपक्ष! खरगे की शुभकामना, अखिलेश ने गंगा में लगाई डुबकी

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महाकुंभ में उपस्थिति दर्ज करवाने में जुटा विपक्ष! खरगे की शुभकामना, अखिलेश ने गंगा में लगाई डुबकी

लखनऊ : प्रयागराज महाकुंभ के बहाने देश इस समय आस्था के उत्सव में डुबकी लगा रहा है. योगी-मोदी सरकार तैयारियों, संसाधन और मेजबानी के जरिए इस आयोजन को भव्य बनाने के साथ ही ‘जन आशीर्वाद का पुण्य’ प्राप्त करने में जुटी है. सत्ता और सत्तारूढ़ दल की सक्रियता के बीच इस भावनात्मक परिवेश में विपक्ष भी अपनी प्रतीकात्मक उपस्थिति दर्ज करवा रहा है, जिससे वह आयोजन से कटा हुआ न दिखे. कांग्रेस से सपा तक बहुसंख्यक आस्था के साथ संगत की राह पर चल रही हैं.

13 जनवरी से शुरू हुए प्रयागराज महाकुंभ में अब तक 6 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं. हालांकि, इस आयोजन की तैयारियों व पूर्व के अनुभवों को लेकर सवाल उठाने व पीठ थपथपाने का दौर काफी पहले शुरू हो चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1954 के प्रयागराज कुंभ में हुई भगदड़ को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाते रहे हैं. वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ 2013 के कुंभ की दुर्घटना व व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सपा पर लगातार हमलावर हैं.

अखिलेश उठा रहे व्‍यवस्‍था पर सवाल

इस बीच, अखिलेश यादव मौजूदा आयोजनों की खामियों की तस्वीर अक्सर सोशल मीडिया पर पेश करते नजर आ रहे हैं. हालांकि, राजनीतिक आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच ‘आस्थावान’ दिखने की कवायद को लेकर भी विपक्ष सतर्क है.

डूबकी से साधे जा रहे समीकरण!

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पौष पूर्णिमा के दिन महाकुंभ की बधाई देते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ‘लाखों करोड़ों की संख्या में अगले डेढ़ महीने तक चलने वाले त्रिवेणी संगम के इस पारंपरिक महोत्सव में पधारे सभी साधु, संत, पंथ, समुदाय और जनता जनार्दन, एकजुट होकर जाति, वर्ण, और वर्ग के भेदभाव मिटाकर भारत की महान संस्कृति का परिचय पूरे विश्व को देंगे.’ खरगे ने कुंभ पर नेहरू की आंखों देखी भी पोस्ट की.

प्रियंका गांधी ने किया पोस्‍ट

यूपी की पूर्व प्रभारी व वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी महाकुंभ को लेकर पोस्ट किया. वहीं, सपा मुखिया अखिलेश यादव महाकुंभ की शुभकामनाएं, स्नान पूर्ण होने की बधाई देने के साथ ही मंगलवार को मकर संक्रांति पर गंगा में डुबकी लगाते नजर आए. हालांकि, यह डूबकी उन्होंने संगम में नहीं हरिद्वार में लगाई. वहां सपा मुखिया अपने चाचा की अस्थियों को विसर्जित करने गए थे. लेकिन, मकर संक्रांति के दिन डुबकी और उसकी तस्वीर सियासी संभावनाओं को भी परखती दिखी. अखिलेश ने कहा कि कोलकाता तक गंगा बहती है, जो गंगा में जहां डुबकी लगाना चाहे वहां लगा सकता है, सभी जगह का अपना महत्व है. संगम तब जाएंगे, जब मां गंगा बुलाएंगी.

हिस्सेदारी की कवायद इसलिए अहम

तुष्टीकरण के आरोपों के बीच पिछले एक दशक में बहुसंख्यक आस्था के ध्रुवीकरण का राजनीतिक प्रयोग भाजपा के लिए सफल रहा है. हिंदुत्व के चेहरे पर विकास का तिलक लगा जातीय गोलबंदी तोड़ने में सफलता मिली है. 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष जरूर इसकी काट निकालने में सफल रहा, लेकिन, उसके बाद हुए विधानसभा चुनावों व यूपी उपचुनाव में तस्वीर कुछ बदली नजर आई है.

भाजपा को मौका नहीं देना चाहता विपक्ष

प्रयाग में चल रहे महाकुंभ के आयोजन का विस्तार इतना बड़ा है कि देश का हर हिस्सा सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से इसे जुड़ रहा है. इसलिए, विपक्ष भी भाजपा को यह मौका नहीं देना चाहता कि बहुसंख्यक आस्था के इस महापर्व पर वह उन पर उदासीनता का आरोप लगाए. सपा समर्थकों ने तो महाकुंभ में मुलायम के नाम से एक शिविर भी खोला है, जहां उनकी प्रतिमा भी लगाई गई है.