एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर, तटवर्ती गांवों में दहशत का माहौल
चंदौली : जिले में गंगा का जलस्तर एक बार फिर से तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले दो दिनों में गंगा का पानी करीब 9 फीट तक बढ़ गया, जिससे तटवर्ती गांवों के लोगों की मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं। बलुआ घाट का वह नजारा, जो कुछ दिन पहले तक सामान्य हो गया था, अब दोबारा जलमग्न हो चुका है।
बलुआ घाट फिर से पानी में डूबा
सात अगस्त से गंगा का पानी लगातार घटने लगा था। बलुआ घाट पर महिला चेंजिंग रूम, बहुउद्देशीय यात्री प्रतीक्षालय, टीनशेड यात्री विश्रामालय, वाहन पार्किंग स्थल और घाट की सीढ़ियां पानी से बाहर आ चुकी थीं। लेकिन बीते 48 घंटों में जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी के चलते महिला चेंजिंग रूम सोमवार को फिर से डूब गया, वहीं दूसरा नया महिला चेंजिंग रूम और बहुउद्देशीय यात्री प्रतीक्षालय भी डूबने के कगार पर पहुंच गया है। वही टीनशेड में बने शव दाह गृह में भी गंगा का पानी घुस चुका है, जिससे अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है।
तटवर्ती गांवों में संकट गहराया
गंगा के जलस्तर में वृद्धि से जिले के तटवर्ती गांवों की हालत पहले ही बदतर हो गई है। वही अब भुपौली, डेरवा, महड़ौरा, कांवर, पकड़ी, महुअरिया, विसुपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ, डेरवाकला, महुअर कला, हरधन जुड़ा, गंगापुर, पुरा विजयी, पुरागणेश, चकरा, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर, सरौली, तीरगावा, हसनपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा, सहेपुर समेत दर्जनों गांव फिर से बाढ़ की चपेट में आने की संभावना बन रही हैं।
कई गांवों के किसानों की हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि गंगा में समाहित हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं, जो लोग पहले ही घर छोड़कर बाढ़ राहत केंद्रों और सुरक्षित स्थानों पर शरण ले चुके हैं, उनकी चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।
ताल और निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा
लोगों का कहना है कि इस बार गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है और आसपास के ताल में पहले से ही पानी भरा हुआ है। ऐसे में अगर गंगा के जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी होती रही, तो गांवों में फिर से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
ग्रामीणों में भय का माहौल
गंगा का जलस्तर जिस तेजी से बढ़ रहा है, उससे तटवर्ती क्षेत्रों के ग्रामीण दहशत में हैं। पिछले दिनों जब गंगा का पानी घुसा था, तब मुकुंदपुर, बोझवा, सरैया समेत कई गांवों के लोगों को अपना घर-बार छोड़कर राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी थी। अब जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी से लोग एक बार फिर मुश्किल में पड़ गए हैं।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट
इस बाबत एसडीएम सकलडीहा कुंदन राज कपूर ने बताया कि बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण की सभी मशीनरी और पूरी टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया है। राहत और बचाव कार्य के लिए नावों की व्यवस्था पहले से ही कर ली गई है, साथ ही भोजन एवं अन्य आवश्यक संसाधनों का पर्याप्त प्रबंध भी सुनिश्चित किया गया है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जैसे ही कहीं भी आपात स्थिति उत्पन्न होती है, प्रशासन पूरी तैयारी के साथ तेजी से और प्रभावी तरीके से निपटने के लिए तत्पर है।


















