डिजिटल युग में शिक्षा को नई उड़ान, विद्यार्थियों को मुफ्त टैबलेट वितरित
चंदौली : मां खंडवारी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट द्वारा संचालित मां खंडवारी पी.जी. कॉलेज में मंगलवार को एक भव्य टैबलेट वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत एम.ए., एम.एस.सी. और एम.एड. के छात्र-छात्राओं को निशुल्क टैबलेट वितरित किए गए, जिससे शिक्षा को डिजिटल स्वरूप में बढ़ावा मिल सके।
तकनीकी शिक्षा की ओर बढ़ाया गया सार्थक कदम
समारोह के मुख्य अतिथि एवं मां खंडवारी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के प्रबंध निदेशक डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने अपने कर-कमलों से विद्यार्थियों को टैबलेट सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, “प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही यह योजना एक महत्वाकांक्षी प्रयास है, जिसका सीधा लाभ छात्र-छात्राओं को मिल रहा है। यह पहल ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में एक मजबूत कदम है जो विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगी।”
टैबलेट केवल मनोरंजन नहीं, शिक्षा का सशक्त माध्यम बने
उन्होंने आगे कहा कि आज का युग पूर्णतः डिजिटल होता जा रहा है, और ऐसे में टैबलेट व स्मार्टफोन शिक्षा क्षेत्र में एक वरदान साबित हो सकते हैं, बशर्ते इनका सदुपयोग केवल अध्ययन व प्रशिक्षण के कार्यों में किया जाए, ना कि मनोरंजन में। मोबाइल और टैबलेट के माध्यम से विद्यार्थी अपनी जानकारी का दायरा बढ़ा सकते हैं और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को तैयार कर सकते हैं।
डॉ. सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि सरकार द्वारा शुरू की गई यह पहल समान शिक्षा के अधिकार को भी मजबूती प्रदान करती है। अब कोई भी छात्र तकनीकी संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।

कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक अवनीश कुमार सिंह, डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. अश्विनी श्रीवास्तव, अवधेश मिश्रा, सेवा मौर्य, विशाल सिंह, शालिनी शर्मा, संगीता गुप्ता, अखिलेश सिंह सहित अनेक शिक्षकगण एवं अभिभावकगण उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की योजनाएं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखती हैं।
समारोह के अंत में विद्यार्थियों ने भी अपने विचार साझा किए और सरकार व संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे और अधिक उत्साह एवं तकनीकी सुविधा के साथ अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ा सकेंगे।
यह कार्यक्रम न केवल तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल रहा, बल्कि यह यह भी साबित करता है कि सही दिशा और संसाधनों के साथ शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को अभूतपूर्व ऊंचाई दी जा सकती है।


















