महाकुंभ 2025 अर्थव्यवस्था में 2 लाख करोड़ का योगदान देगा, सीएम योगी ने महाआयोजन का समझाया अर्थशास्त्र
लखनऊ : सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि एक पर्यटक या श्रद्धालु जब यूपी आता है तो ट्रेन, बस, टैक्सी या प्लेन का उपयोग करता है. होटल, टेंट या धर्मशाला में रुकता है. होटल, रेस्टोरेंट या ढाबे पर खाना खाता है, कुछ खरीदारी भी करता है. इस तरह वह औसतन पांच हजार रुपये खर्च करता है. प्रयागराज महाकुंभ मेला में 40 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है. ऐसे में देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अकेले महाकुंभ दो लाख करोड़ रुपये का योगदान देगा. महाकुंभ आस्था, आधुनिकता और स्वच्छता का मॉडल बनेगा.
सीएम बुधवार को द टाइम्स ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित ‘डिवाइन उत्तर प्रदेश’ कॉन्क्लेव के उद् घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे. महाकुंभ के साथ ही अन्य आस्था स्थलों पर सरकार की ओर से किए जा रहे खर्च पर योगी ने आंकड़ों के साथ जवाब दिया. कहा कि काशी में औसतन 50 लाख लोग सालाना आते थे. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद 16 करोड़ लोग आए थे. अयोध्या में 2016 में 2.83 लाख लोग आए थे. इस बार सितंबर तक ही 13.44 करोड़ लोग आ चुके हैं.
2013 कुंभ पर की टिप्पणी
सीएम योगी ने कहा कि दिसंबर तक अयोध्या में यह आंकड़ा लगभग 16 करोड़ होगा. ऐसे में इन दो स्थलों की इकॉनमी ही 80-80 हजार करोड़ के लगभग होगी. जो शहर अर्थव्यवस्था में 80 हजार करोड़ रुपये का योगदान कर रहे हैं, अगर सरकार उन पर 5 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है तो क्या बुरा है? योगी ने कहा कि 2013 में प्रयागराज कुंभ अव्यवस्था का शिकार था. मॉरीशस के प्रधानमंत्री यहां आए थे और गंगा की स्थिति देखकर भावुक हो गए थे. वहां बिना नहाए और आचमन के ही लौट गए थे.
‘दुनिया का सबसे बड़ा अस्थायी शहर बसेगा’
सीएम योगी ने महाकुंभ की तैयारियों में क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों को भी रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि पहले बारिश 15 सितंबर तक खत्म हो जाती थी. शीतलहर 15 दिसंबर से 10 जनवरी के आस-पास होती थी. अब 15 अक्टूबर तक बारिश होती है. महाकुंभ गंगा के किनारे होता है, इसलिए पानी उतरने के बाद ही काम शुरू हो पाया. बावजूद इसके दुनिया के सबसे बड़े अस्थायी शहर को बनाने की सारी तैयारियां पूरी हो गई हैं. हमारा प्रयास है कि जो एक बार आए और बार-बार आए, गौरव व विरासत पर गर्व का अनुभव लेकर जाए.
‘विरासत में कुर्सी मिल सकती है बुद्धि नहीं’
सीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों को अयोध्या, काशी, प्रयागराज और मथुरा का विकास अच्छा नहीं लगता. ये वही लोग हैं जिन्हें यह समझ ही नहीं है कि नदी को चैनलाइज कर उसकी उम्र बढ़ाई जाती है न कि प्राकृतिक प्रवाह अवरुद्ध कर उसका नुकसान. ये वे लोग हैं जो अपनी विरासत को भारत की विरासत के साथ जोड़ने की बजाय विदेशी आक्रांता की विरासत के साथ जोड़ने पर गौरव महसूस करते हैं. इनको बांटना अच्छा लगता है. दरअसल, विरासत में कुर्सी मिल सकती है, बुद्धि नहीं. विदेशी विश्वविद्यालय में पढ़ने से बुद्धि नहीं आ जाएगी.
50 से अधिक देशों के राजनयिक लगाएंगे डुबकी
13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को न सिर्फ आध्यात्मिक अनुभूति के मौके मिलेंगे, बल्कि वह मनोरंजन भी कर सकेंगे. संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय ने इसके लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की है. 50 से अधिक देशों के राजनयिकों को संगम में डुबकी लगाने के लिए आमंत्रित किया गया है. उन्होंने अपनी सहमति भी दे दी है. राजनयिक कब और कितनी संख्या में आएंगे, इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है.
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि महाकुंभ में 40 से 50 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. इसे देखते हुए केंद्रीय व प्रदेश के संस्कृति व पर्यटन विभाग ने अपनी तैयारी की है. श्रद्धालुओं के लिए टेंट सिटी तैयार की गई है. इसमें 2200 से अधिक कॉटेज हैं. यहां एक साथ 4400 से अधिक पर्यटक रुक सकते हैं.
पांच एकड़ में यूपी स्टेट पवेलियन
पर्यटन विभाग की विशेष सचिव ईशा प्रिया ने बताया कि पांच एकड़ में यूपी स्टेट पवेलियन की स्थापना की जा रही है. इसमें 12 सर्किट को प्रदर्शित किया जाएगा. 15 हजार वर्गफुट के मानचित्र में 3D तकनीक से अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, कुशीनगर, सारनाथ और नैमिषारण्य सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को दर्शाया जाएगा. इसमें एक हस्तशिल्प बाजार भी होगा, जहां ओडीओपी के 75 स्टॉल लगाए जाएंगे. सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए तीन मंच भी होंगे. रेलवे स्टेशन और मेला क्षेत्र में 10 पर्यटन सूचना केंद्रों की स्थापना की जा रही है.
पर्यटन विकास निगम की एमडी सान्या छाबड़ा ने बताया कि महाकुंभ से जुड़ी सभी जानकारियां देश की सभी भाषाओं में उपलब्ध होंगी. इससे संबंधित बुकलेट टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर या मेला कार्यालय से हासिल की जा सकती है. संस्कृति विभाग के कलाग्राम में रोबॉटिक गाइड, आर्कियोलॉजिकल जानकारियां और एआई इनेबल्ड डिजिटल जानकारियां भी मिल सकेंगी.
मनोरंजन की भी होगी सुविधा
महाकुंभ 2025 में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के मनोरंजन के लिए भी सुविधा विकसित की जा रही है. महाकुंभ में शामिल होने वालों को हेलीकॉप्टर राइड का अवसर मिलेगा. 7 से 8 मिनट की राइड के लिए 3000 रुपये किराया लगेगा. हॉट एयर बैलून और क्रूज राइड की सुविधा भी मिल सकेगी. महाकुंभ के दौरान 2500 से अधिक ड्रोन का शो होगा. परमार्थ निकेतन के साथ मिलकर योग और मेडिटेशन का पैकेज भी विभाग उपलब्ध करवा रहा है. कुंभ में गाइड के लिए 1000 रुपये प्रतिदिन और आधे दिन के लिए 500 रुपये देने होंगे. 990 गाइडों की नियुक्ति की गई है.


















