संयुक्त कृषि निदेशक का चंदौली दौरा, उर्वरक दुकानों की सख्त जांच, निर्धारित दर व गुणवत्ता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

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संयुक्त कृषि निदेशक का चंदौली दौरा, उर्वरक दुकानों की सख्त जांच, निर्धारित दर व गुणवत्ता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

चंदौली : कृषकों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने और कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के उद्देश्य से संयुक्त कृषि निदेशक, वाराणसी मण्डल, वाराणसी शैलेन्द्र कुमार शाक्य ने गुरुवार को चंदौली जनपद का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने उप कृषि निदेशक, चंदौली कार्यालय का निरीक्षण करते हुए जनपद में संचालित कृषि योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की गहन समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में उप कृषि निदेशक भीमसेन सहित समस्त योजना प्रभारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। संयुक्त कृषि निदेशक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं के अंतर्गत प्रस्तावित भौतिक कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए तथा नियमानुसार वित्तीय प्रगति में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके पश्चात कृषकों को निर्धारित सरकारी दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध हो, इसके मद्देनज़र जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव के साथ जनपद की उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। सबसे पहले बालाजी एग्रीजंक्शन सेंटर, भिखारीपुर (चंदौली) का निरीक्षण किया गया, जहां संचालक अजीत कुमार उपस्थित मिले। निरीक्षण के दौरान दुकान पर 503 बोरी यूरिया एवं 26 बोरी डीएपी उपलब्ध पाई गई। पॉस मशीन से स्टॉक का मिलान करने पर विवरण सही पाया गया। अधिकारियों ने कुछ कृषकों से दूरभाष पर वार्ता कर उर्वरक की उपलब्धता, दर एवं वितरण व्यवस्था की भी जानकारी ली।

इसके बाद बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति, पचोखर (विकास खंड नियामताबाद) का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय समिति के सचिव महेंद्र सिंह एवं सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) चंदन यादव उपस्थित रहे। सचिव द्वारा बताया गया कि समिति में 119 बोरी यूरिया एवं 34 बोरी डीएपी उपलब्ध है। हालांकि निरीक्षण के दौरान समिति परिसर में उर्वरक रेट बोर्ड एवं देय अनुदान से संबंधित विवरण प्रदर्शित नहीं पाया गया।

इस पर संयुक्त कृषि निदेशक ने जिला कृषि अधिकारी को सख्त निर्देश दिए कि जनपद की समस्त उर्वरक दुकानों एवं सहकारी समितियों पर उर्वरकों की उपलब्धता, निर्धारित दर, देय अनुदान से संबंधित बैनर, रेट बोर्ड एवं वाल पेंटिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए तथा की गई कार्यवाही से अवगत कराया जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि किसी विक्रेता द्वारा अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर-अनुदानित उत्पादों की टैगिंग कर बिक्री करने का कोई मामला सामने आता है, तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

संयुक्त कृषि निदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए और उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी, सुचारु एवं नियमों के अनुरूप बनाए रखा जाए। निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।