गंगा का रौद्र रूप, दूसरी बार बाढ़ का मंडरा रहा संकट, तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
चंदौली : गंगा का जलस्तर इन दिनों लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे तटवर्ती गांवों के हजारों ग्रामीणों की चिंता और भय भी बढ़ने लगा है। बीस दिन के भीतर दूसरी बार बाढ़ का संकट मंडरा रहा है। पिछली बार आई बाढ़ की तबाही से ग्रामीण अभी उबर भी नहीं पाए थे कि अब फिर से गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही तैयारी तेज कर दी है।
दूसरी बार बढ़ा जलस्तर, बढ़ा मानसिक तनाव
पिछली बार सात अगस्त से गंगा का जलस्तर घटना शुरू हो गया था, लेकिन इस बार पानी कहीं ज्यादा तेज़ी से बढ़ रहा है। ग्रामीणों की मुश्किलें दोगुनी हो चुकी हैं क्योंकि पिछली बाढ़ का पानी अभी पूरी तरह ताल और खेतों से हटा भी नहीं था कि गंगा ने फिर से अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया।
तटवर्ती गांव के ग्रामीण सहमे
भुपौली, डेरवा, महड़ौरा, कांवर, पकड़ी, महुअरिया, विसुपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ, डेरवाकला, महुअर कला, हरधन जुड़ा, गंगापुर, पुरा विजयी, पुरागणेश, चकरा, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर, सरौली, तीरगावा, हसनपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा, सहेपुर सहित दर्जनों तटवर्ती गांवों के किसान और ग्रामीण अभी बाढ़ की विभीषिका झेल ही रहे थे कि एक बार फिर बाढ़ की चिंता लोगों को सताने लगी है। हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन गंगा में समा चुकी है, जिससे किसानों की साल भर की मेहनत बर्बाद हो गई है।
फसलें चौपट, आजीविका पर संकट
गांवों के किसानों द्वारा रोपी गई धान की फसल और सब्जियां पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। बाढ़ का पानी खेतों में भरने से आने वाले समय में भी खेती करना कठिन हो जाएगा। कई गांवों में खेतों की मिट्टी कटकर बह चुकी है, जिससे आने वाले महीनों में पैदावार की संभावना भी बेहद कम हो गई है।
बाणगंगा नदी में घुसा गंगा का पानी
इधर भुसौला क्षेत्र होते हुए बाणगंगा नदी में गंगा का पानी घुसने लगा है। जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी ने दर्जनों गांवों के लोगों की नींद उड़ा दी है। यदि यही रफ्तार रही तो आने वाले दिनों में और अधिक गांव डूबान की चपेट में आ सकते हैं।
ग्रामीणों में भय, भविष्य पर संकट
तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने इस समय दोहरी मार है, एक तरफ खेती-किसानी बर्बाद हो चुकी है, तो दूसरी तरफ घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। जिन परिवारों की जमीन गंगा में समा गई, वे अब पूरी तरह बेबस होते दिख रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। बाढ़ की स्थिति में घबराने की बजाय निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर जाएं।


















