चकिया पीजी कॉलेज में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, युवाओं को किया गया जागरूक

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चकिया पीजी कॉलेज में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, युवाओं को किया गया जागरूक

चंदौली : सावित्रीबाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चकिया में सोमवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के तत्वावधान में टीबी (क्षय रोग) एवं एचआईवी/एड्स जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य की अध्यक्षता एवं राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार सिंह के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। इसमें जिला संयुक्त चिकित्सालय, चकिया के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को इन गंभीर बीमारियों के कारण, प्रभाव और बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम में जिला संयुक्त चिकित्सालय, चकिया से आए टीबी सुपरवाइजर छोटे लाल ने बताया कि टीबी (क्षय रोग) एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। यह माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु के कारण होती है और संक्रमित व्यक्ति के खांसने या बोलने से निकलने वाले सूक्ष्म कणों के माध्यम से दूसरे लोगों तक फैलती है।

उन्होंने कहा कि लगातार दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन कम होना, कमजोरी और रात में पसीना आना इसके प्रमुख लक्षण हैं। समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है तथा सरकार द्वारा इसकी जांच और उपचार निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।

वहीं, आईटीटीसी काउंसलर रविन्द्र कुमार ने छात्र-छात्राओं को एचआईवी/एड्स के बारे में जागरूक करते हुए बताया कि एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिएंसी वायरस) शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है और गंभीर स्थिति में यह एड्स का रूप ले लेता है। उन्होंने कहा कि यह संक्रमण असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त, संक्रमित सुई के प्रयोग तथा संक्रमित माता से बच्चे में फैल सकता है।

उन्होंने बताया कि जागरूकता ही एचआईवी/एड्स से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। सुरक्षित व्यवहार अपनाना, रक्त की जांच कराना, नई एवं स्वच्छ सुई का उपयोग करना और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराना बेहद जरूरी है। आधुनिक चिकित्सा के कारण एचआईवी संक्रमित व्यक्ति भी उचित उपचार के साथ सामान्य जीवन जी सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि युवाओं की जागरूकता ही समाज को सुरक्षित रखने का सबसे बड़ा माध्यम है। समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर सही जानकारी पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।