तेनुवट गांव में करेंट की चपेट में आई बुजुर्ग महिला की मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
चंदौली : सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के तेनुवट गांव में बुधवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव की 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला बेचना देवी पत्नी झेंगुरी विश्वकर्मा की हाईटेंशन तार से करेंट की चपेट में आकर मौत हो गई। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
घास काटते समय हुआ हादसा
बुधवार की सुबह बेचना देवी रोज़ की तरह पशुओं के लिए घास काटने खेत की ओर गई थीं। पास ही स्थित विद्यालय के समीप खेत की मेड़ पर वह घास काट रही थीं। इसी दौरान वह अचानक जर्जर हाईटेंशन तार से प्रवाहित करेंट की चपेट में आ गईं और मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ीं।
स्कूल के बच्चों ने दी सूचना
घटना के समय नज़दीकी विद्यालय के बच्चे वहां मौजूद थे। उन्होंने जब बुजुर्ग महिला को गिरते देखा तो तुरंत स्कूल के प्रधानाध्यापक को जानकारी दी। प्रधानाध्यापक ने तत्काल ग्राम प्रधान और ग्रामीणों को घटना के बारे में बताया।
ग्रामीणों ने की बिजली कटवाने की कोशिश
सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत बिजली विभाग से संपर्क कर बिजली की सप्लाई बंद करवाई। इसके बाद लोगों ने डंडे की मदद से तार को हटाकर बेचना देवी को अस्पताल पहुंचाया। लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जर्जर तार बना हादसे की वजह
ग्रामीणों का कहना है कि अर्थिंग का तार कई दिनों से जर्जर था और रात में टूटकर खेत की मेड़ पर गिर गया था। चूंकि तार फेज से जुड़ा हुआ था, इसलिए उसमें करेंट प्रवाहित हो रहा था।
बिजली विभाग पर ग्रामीणों का गुस्सा
ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। गांव के लोगों ने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद जर्जर तारों की मरम्मत नहीं कराई जाती। विभाग की अनदेखी के चलते गांव में ऐसे हादसे आम हो गए हैं।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की जानकारी मिलने पर सकलडीहा पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों में आक्रोश, विभागीय कार्रवाई की मांग
हादसे के बाद से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। उन्होंने मांग की है कि बिजली विभाग की लापरवाही की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।


















