सीडीओ ने किया चंदौली के विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण, पंचायत भवन को जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित करने के दिए निर्देश
चंदौली : जिले के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आर. जगत साईं ने बृहस्पतिवार को चहनिया एवं सदर विकास खंड के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से कई स्थलों का गहन निरीक्षण किया। उनकी यह पहल शासन की नीतियों को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ग्राम पंचायत को जनसुविधा केंद्र बनाने पर जोर
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने चहनिया विकासखंड के अंतर्गत कैलवर ग्राम पंचायत भवन का विशेष रूप से जायजा लिया। उन्होंने भवन की भौतिक स्थिति, उपलब्ध संसाधनों, कर्मचारियों की उपस्थिति एवं क्रियाशीलता की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव से आवश्यक जानकारियाँ प्राप्त कीं तथा उन्हें पंचायत भवन को एक सक्रिय जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित करने हेतु स्पष्ट निर्देश दिए।
शासन की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट रूप से अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचायत भवन को साफ-सुथरा, सुव्यवस्थित और पूर्णतः क्रियाशील रखा जाए। उन्होंने कहा कि यह भवन ग्रामीण स्तर पर शासन की योजनाओं और नागरिकों के बीच सेतु का कार्य करता है, अतः इसका समुचित रख-रखाव एवं उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, पंचायतों का डिजिटलीकरण, एवं स्वच्छ भारत मिशन जैसी प्रमुख योजनाओं की जानकारी पंचायत भवन में प्रमुखता से प्रदर्शित की जाए, ताकि ग्रामीणों को सहज रूप से इन योजनाओं का लाभ मिल सके।
पंचायत भवन बनेगा जनसंवाद और समाधान का केन्द्र
सीडीओ आर. जगत साईं ने पंचायत भवन को जनसंवाद एवं समाधान का केंद्र बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत भवन केवल एक प्रशासनिक इकाई न होकर जनभागीदारी का सशक्त माध्यम बने। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम सभाओं का आयोजन नियमित रूप से किया जाए, और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान यहीं स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित किया जाए।
योजनाएं सिर्फ कागजों पर नही, जमीन पर दिखनी चाहिए
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विकास कार्यों की योजनाएं सिर्फ फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी स्पष्ट छाप ज़मीन पर दिखनी चाहिए। उन्होंने स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार प्राथमिकताएं तय कर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की बात कही।
इस निरीक्षण कार्यक्रम में डीसी मनरेगा आर. के. चतुर्वेदी, संबंधित खंड विकास अधिकारी, तकनीकी सहायक, पंचायत सचिव एवं अन्य विभागीय कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सीडीओ ने अपेक्षा जताई कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी एवं समर्पण के साथ करें।
मुख्य विकास अधिकारी की यह पहल न केवल ग्राम स्तर पर प्रशासनिक सक्रियता को बढ़ावा देगी, बल्कि शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी।


















