तेज आंधी-पानी और ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त, फसलों को नुकसान
चंदौली : गुरुवार को अचानक बदले मौसम ने जिलेभर में कहर बरपाया। तेज आंधी और बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने जहां जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया। कई स्थानों पर पेड़ धराशायी हो गए, जिससे यातायात एवं विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई।
पेड़ गिरने से मकान क्षतिग्रस्त
चहनियां क्षेत्र के डयौढा गांव में तेज आंधी के कारण एक विशालकाय पेड़ राहुल मिश्रा के मकान पर गिर पड़ा, जिससे मकान को गंभीर क्षति पहुंची। सौभाग्यवश घटना के समय परिवार के सदस्य पास ही स्थित दूसरे मकान में मौजूद थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
विद्युत आपूर्ति ठप, कर्मचारी मरम्मत में जुटे
तेज हवाओं के चलते धानापुर से चहनियां, सुरतापुर और मारूफपुर उपकेंद्र की मेन सप्लाई लाइन पर पेड़ गिर गया, जिससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। इसके अलावा अन्य कई फीडर भी बाधित हो गए। बिजली विभाग के कर्मचारी जगह-जगह क्षतिग्रस्त तारों को सुधारने में जुटे हुए हैं।
फसलों पर संकट, किसान चिंतित
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। तेज हवा और ओलों की मार से गेहूं, चना, सरसों जैसी दलहनी और तिलहनी फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। विशेष रूप से पकने की कगार पर खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। इससे किसानों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खिंच गई हैं।
फसल बीमा के लिए करें सूचना दर्ज
इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने जानकारी दी कि जिन किसानों की फसलें बेमौसम बारिश, चक्रवात या ओलावृष्टि के कारण प्रभावित हुई हैं, और जिन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कराया है, वे 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर फोन कर अपनी फसल क्षति की सूचना दर्ज कराएं। यदि किसी कारणवश टोल फ्री नंबर पर सूचना देने में दिक्कत हो रही हो, तो किसान सीधे जिला कृषि अधिकारी या उप कृषि निदेशक कार्यालय में लिखित सूचना देकर अपनी बात अवगत करा सकते हैं। इससे बीमा कंपनी के माध्यम से नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिलाई जा सकेगी।
निष्कर्ष
गुरुवार को आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित करने के साथ-साथ किसानों की कमर तोड़ दी है। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से मकानों और विद्युत व्यवस्था को नुकसान हुआ, वहीं खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। इस आपदा से निपटने के लिए प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत समय पर सूचना देने की अपील की है। ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि किसान जागरूकता दिखाएं और अपनी क्षति की सूचना समयबद्ध तरीके से दें, ताकि उन्हें उचित मुआवजा मिल सके।


















