डीडीयू जंक्शन पर बाल तस्करी का प्रयास नाकाम, तीन नाबालिग मुक्त, एक तस्कर गिरफ्तार
चंदौली : पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) पर आरपीएफ द्वारा चलाए गए विशेष संयुक्त चेकिंग अभियान के दौरान बाल तस्करी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अभियान के दौरान सीमांचल एक्सप्रेस से तीन नाबालिग बच्चों को मुक्त कराते हुए एक बाल तस्कर को गिरफ्तार किया गया।
डरे सहमे हाल में मिले बच्चे
जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 12487 सीमांचल एक्सप्रेस के प्लेटफार्म संख्या 6 पर आगमन के बाद सामान्य कोच में तीन नाबालिग बच्चे डरे-सहमे अवस्था में पाए गए। संदेह होने पर आरपीएफ टीम द्वारा की गई पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें मजदूरी के लिए हरियाणा के महेंद्रगढ़ ले जाया जा रहा था। बच्चों के साथ यात्रा कर रहा व्यक्ति राहिल आलम (30 वर्ष), निवासी गदहाकाट, थाना सिकटी, जिला अररिया (बिहार) को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।
दीवार पुताई के नाम पर ले जाया जा रहा था हरियाणा
बच्चों ने बताया कि राहिल आलम ने उनके परिजनों को कुछ पैसे देकर उन्हें दीवार पुताई का कार्य कराने के बहाने हरियाणा ले जाने की योजना बनाई थी। बच्चों की उम्र क्रमशः 12, 14 एवं 16 वर्ष है और सभी अररिया जिला, बिहार के निवासी हैं।
बाल तस्करी व श्रम कानून के तहत मुकदमा दर्ज
पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ ने AHTU टीम चंदौली को सूचित किया। तत्पश्चात राहिल आलम को बाल तस्करी व बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत कोतवाली मुगलसराय को सुपुर्द किया गया, जहां उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
RPF, CBI और BBA टीम की सराहनीय भूमिका
यह कार्रवाई आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में की गई, जिसमें उप निरीक्षक सरिता गुर्जर, सीआईबी टीम, तथा एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (BBA) की परियोजना अधिकारी चंदा गुप्ता शामिल रहीं।
इस संयुक्त अभियान में आरपीएफ पोस्ट डीडीयू के आरक्षी भूपेंद्र यादव, डी. के. उपाध्याय, कुलदीप सिंह तथा सीआईबी टीम के विनोद यादव की भूमिका सराहनीय रही।
आरपीएफ द्वारा की गई इस त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि यदि समय रहते सतर्कता बरती जाए तो बाल तस्करी जैसे गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है।


















