फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले किसानों को नहीं मिलेगा पीएम किसान योजना का लाभ
चंदौली: जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में फार्मर रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य की प्रगति को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि किसान फार्मर रजिस्ट्री समय से पूरा कराएं, अन्यथा वे सरकार की लाभकारी योजनाओं, विशेषकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) से वंचित हो सकते हैं।
फार्मर रजिस्ट्री आईडी की धीमी प्रगति पर नाराजगी
बैठक के दौरान जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे ने उप निदेशक कृषि को फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कृषि और राजस्व विभाग को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर तेजी से इस कार्य को पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि किसान स्वयं जन सुविधा केंद्र (CSC) या विभिन्न सरकारी कैंपों में जाकर अपनी रजिस्ट्री सुनिश्चित करें ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि किसान अपनी फार्मर रजिस्ट्री नहीं करवाते हैं, तो उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए सभी किसान जल्द से जल्द अपना पंजीकरण कराएं।
31 मार्च तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
शासन द्वारा जनपद चंदौली में कुल 2,57,128 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक में बताया गया कि अब तक 1,06,061 किसानों की रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी है, जिसमें 81,871 रजिस्ट्रेशन जन सेवा केंद्रों (CSC) के माध्यम से और शेष किसानों ने स्वयं अपने पोर्टल से रजिस्ट्रेशन किया है। जिलाधिकारी ने इस कार्य में तेजी लाने के लिए 31 मार्च तक 100% लक्ष्य प्राप्त करने के सख्त निर्देश दिए।
विशेष रूप से बताया गया कि जनपद में नौगढ़ क्षेत्र की प्रगति सबसे बेहतर है, जहां किसानों ने तेजी से फार्मर रजिस्ट्री कराई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बाकी तहसीलों में भी इसे तेजी से पूरा किया जाए।
कम प्रगति वाले क्षेत्रों में सख्ती और बैठकें आयोजित करने के आदेश
बैठक में जिलाधिकारी ने उप निदेशक कृषि को निर्देशित किया कि वे तहसीलवार नामित कृषि अधिकारियों की उप जिलाधिकारियों के साथ बैठक करें और फार्मर रजिस्ट्री में धीमी प्रगति वाले गांवों और जन सेवा केंद्रों की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि जन सेवा केंद्र (CSC) संचालकों की उपस्थिति अनिवार्य की जाए ताकि उनके माध्यम से भी रजिस्ट्री कार्य को बढ़ावा दिया जा सके।
पंचायत सहायकों और कोटेदारों की मदद से किसानों को जागरूक करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि वे पंचायत सहायकों और कोटेदारों को इस अभियान से जोड़ें। पंचायत स्तर पर ये लोग किसानों को फार्मर रजिस्ट्री की जरूरत और उसके लाभों के बारे में जागरूक करेंगे। इस पहल से अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों (BDO) को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र के कम प्रगति वाले गांवों में जागरूकता अभियान तेज करें। इसके लिए मुनादी (ढोल-नगाड़े से प्रचार) करवाई जाए, ताकि किसानों को रजिस्ट्री की जानकारी सही ढंग से मिल सके।
फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
बैठक में जिलाधिकारी ने उप कृषि निदेशक को आदेश दिया कि वे अपने विभाग के अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मचारियों के साथ मिलकर फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा करें। इसके अलावा, किसानों को अधिक से अधिक पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाए।
बैठक में मौजूद अधिकारीगण
इस बैठक में समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, डीसी मनरेगा, उप कृषि निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला प्रबंधक, कामन सर्विस सेंटर के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
सरकार द्वारा फार्मर रजिस्ट्री आईडी को अनिवार्य किया गया है, जिससे किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और अन्य सरकारी लाभकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। जो किसान फार्मर रजिस्ट्री नहीं करवाएंगे, वे इन योजनाओं से वंचित रह जाएंगे। इसलिए, सभी किसानों को जल्द से जल्द अपना पंजीकरण कराना जरूरी है।


















