डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल के शिक्षक विनायक सिंह को मिला गोल्ड मेडल, बने काशी विद्यापीठ के गोल्ड मेडलिस्ट
चंदौली : शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल के प्रतिभाशाली शिक्षक विनायक सिंह ने एक नई मिसाल कायम की है। उन्हें महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से मास्टर इन सोशल वर्क (MSW) कोर्स (सत्र 2023–2025) में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया है। विनायक सिंह मूल रूप से ग्राम मसौई, थाना शाहाबगंज, जनपद चंदौली के निवासी हैं। ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने कठिन परिश्रम, समर्पण और शिक्षा के प्रति अपनी गहरी लगन के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस सफलता से न केवल परिवार, बल्कि पूरा गाँव और विद्यालय समुदाय गौरवान्वित है।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल का हर शिक्षक हमारी पहचान है। विनायक सिंह की यह उपलब्धि पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन का साकार परिणाम है।
वहीं प्रधानाचार्य एवं प्रबंधक डॉ. अजय श्रीवास्तव ने बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक समाज की रीढ़ हैं। विनायक सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र में जो समर्पण और उत्कृष्टता दिखाई है, वह हमारे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी यह उपलब्धि युवा पीढ़ी को निश्चय ही प्रेरित करेगी।
अपनी सफलता पर विनम्रता व्यक्त करते हुए विनायक सिंह ने कहा कि यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि मेरे माता-पिता, गाँव और विद्यालय समुदाय का है। मुझे इस मुकाम तक पहुँचाने में मेरे माता-पिता का आशीर्वाद, गाँव व समाज का सहयोग और डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल परिवार का निरंतर मार्गदर्शन सबसे बड़ी प्रेरणा रहा। विद्यालय ने हमेशा मुझे प्रोत्साहित किया और एक बेहतर शिक्षक बनने की दिशा में साथ दिया।
उनकी इस सफलता पर पिता ओमप्रकाश सिंह और माता पूनम सिंह अत्यंत गौरवान्वित हैं। पूरे परिवार व गाँव में खुशी की लहर है। लोगों का कहना है कि विनायक सिंह की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है कि यदि निष्ठा और परिश्रम से लक्ष्य की ओर बढ़ा जाए, तो सफलता अवश्य मिलती है।


















