जिला वृक्षारोपण समिति एवं जिला गंगा समिति की बैठक संपन्न, अनुपस्थित अधिकारियों पर गिरी गाज

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जिला वृक्षारोपण समिति एवं जिला गंगा समिति की बैठक संपन्न, अनुपस्थित अधिकारियों पर गिरी गाज

चंदौली। जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति एवं जिला गंगा समिति की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। इस बैठक में वृक्षारोपण स्थलों की जियो टैगिंग, गंगा संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन, तथा स्वच्छता अभियान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृक्षारोपण केवल संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से न हो, बल्कि पौधों के संरक्षण और उनकी देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में अनुपस्थित रहने वाले सदर एवं चकिया नगर पंचायतों के अधिशाषी अधिकारियों (EO) का वेतन रोकने और उनसे स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश भी दिया गया।

वृक्षारोपण की जियो टैगिंग पर विशेष जोर

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों द्वारा कराए गए वृक्षारोपण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी वृक्षारोपण स्थलों की जियो टैगिंग अनिवार्य रूप से की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और पौधों के रखरखाव एवं देखभाल की निगरानी सुनिश्चित हो सके।

वन विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि लगाए गए पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और नियमित देखभाल हो, ताकि वृक्षारोपण अभियान केवल औपचारिकता न बनकर रह जाए, बल्कि उसका लाभ लंबे समय तक मिले।

गंगा संरक्षण और स्वच्छता को लेकर कड़े निर्देश

जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने गंगा नदी के संरक्षण, घाटों की सफाई, जैव विविधता संरक्षण, तथा गंगा ग्रामों के विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि गंगा किनारे स्थित मुख्य घाटों पर ठोस अपशिष्ट एवं अन्य प्रदूषणकारी तत्वों को नदी में जाने से रोका जाए। उन्होंने अधिकारियों को कड़े कदम उठाने के निर्देश देते हुए कहा कि गंगा नदी में औद्योगिक कचरा एवं प्लास्टिक अपशिष्ट निस्तारण की सख्त निगरानी की जाए।

जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को गंगा संरक्षण के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे स्थित गांवों में स्थानीय लोगों को नदी की स्वच्छता एवं जैव विविधता के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए। इस अभियान के तहत गंगा किनारे विशेष स्वच्छता अभियान चलाने, वृक्षारोपण बढ़ाने, तथा ग्रामीणों को गंगा स्वच्छता से जोड़ने की योजना बनाई गई।

अनुपस्थित अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

बैठक के दौरान सदर एवं चकिया नगर पंचायतों के अधिशाषी अधिकारी (EO) अनुपस्थित रहे, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने दोनों अधिकारियों का वेतन रोकने एवं उनसे स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए।

गंगा किनारे वनीकरण को प्राथमिकता

जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा किनारे वनीकरण को प्राथमिकता दी जाए ताकि जैव विविधता संरक्षित रह सके। इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंगा नदी में अपशिष्ट प्रवाह को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं और नियमित निरीक्षण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गंगा संरक्षण और वृक्षारोपण अभियान केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इसमें आम जनता की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सभी योजनाओं को तय समय सीमा में प्रभावी रूप से क्रियान्वित करें और उनकी नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

बैठक में मौजूद अधिकारी

बैठक में उपजिलाधिकारी अविनाश कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी दिलीप श्रीवास्तव, पीडी डीआरडीए, डीसी मनरेगा, गंगा समिति के सदस्य दर्शन निषाद एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

इस बैठक के दौरान पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता, वृक्षारोपण की निगरानी तथा जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जियो टैगिंग, अपशिष्ट प्रबंधन, गंगा किनारे स्वच्छता अभियान और वनीकरण को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। साथ ही, अनुपस्थित अधिकारियों पर कार्रवाई करके अनुशासनहीनता के प्रति सख्त संदेश दिया गया।