राम आशीष लाल के योगदान को शिक्षकों ने किया नमन, आदर्श शिक्षण का संदेश देकर हुए सेवानिवृत्त
चंदौली : शिक्षा के मंदिर में सेवा देने वाले एक समर्पित शिक्षक को मंगलवार को भावभीनी विदाई दी गई। उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित इस समारोह में सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षक राम आशीष लाल को शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सम्मानपूर्वक विदा किया। कार्यक्रम का माहौल भावुक रहा। हर किसी की आंखें नम थीं और गला रुंधा हुआ था।
राम आशीष लाल अपने सादगीपूर्ण जीवन, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते रहे हैं। वर्षों तक उन्होंने विद्यालय के बच्चों को न केवल शिक्षा दी, बल्कि उन्हें संस्कार और जीवन मूल्यों का भी पाठ पढ़ाया। उनका व्यवहार धीर-गंभीर और विद्यार्थियों के प्रति अत्यंत समर्पित रहा, जिससे वे सभी के प्रिय बन गए।
विदाई समारोह में शिक्षक संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि राम आशीष लाल का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने बताया कि आधुनिक समय में भी उनका प्रतिदिन साइकिल से विद्यालय आना और पूरी निष्ठा से शिक्षण कार्य करना एक आदर्श उदाहरण है, जिसे हर शिक्षक को अपनाना चाहिए।
उन्होंने भावुक होकर कहा, “आप भले ही सेवा से सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन हमारे दिलों से कभी दूर नहीं होंगे।” अन्य शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि राम आशीष लाल की सादगी, समय की पाबंदी और छात्रों के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि उनकी यादें हमेशा सभी के जेहन में जीवित रहेंगी।
इस अवसर पर वीरेंद्र मोहन सिंह, अवनीश कुमार सिंह, अतुल श्रीवास्तव, अनिल प्रताप यादव, सुनील पटेल, कन्हैया खरवार, विवेक सिंह, श्याम बिहारी सिंह, विनय सिंह, अनुदेशक आशा, गोपाल सिंह, सतीश मौर्य, शोभनाथ कुशवाहा, राजीव सिंह, नर्वदेश्वर मिश्रा सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में राम आशीष लाल को अंगवस्त्र, माल्यार्पण और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्होंने भी सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय और यहां के विद्यार्थियों की यादें उनके जीवन का अमूल्य हिस्सा रहेंगी।


















