NSS के स्वयंसेवकों ने गांव-गांव पहुंचाया साइबर सुरक्षा का संदेश, रैली और श्रमदान से जागरूकता अभियान तेज
चंदौली : सावित्री बाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चकिया में सोमवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में चतुर्थ एक दिवसीय विशेष कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. संगीता सिन्हा ने की, जबकि संयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार सिंह एवं डॉ. कलावती द्वारा किया गया।
इस दौरान स्वयंसेवकों ने मुहम्मदाबाद और शेरपुर गांवों में साइबर सुरक्षा जागरूकता विषय पर स्लोगन और रैली निकालकर लोगों को डिजिटल अपराधों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया। गांव की गलियों में गूंजते जागरूकता नारों ने आमजन का ध्यान आकर्षित किया और लोगों को साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए गए।
कार्यक्रम के अंतर्गत स्वयंसेवकों ने श्रमदान करते हुए स्वच्छता अभियान भी चलाया। इस दौरान कूड़े-कचरे की साफ-सफाई, पॉलीथिन हटाने और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का कार्य किया गया। स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
प्राचार्य प्रो. संगीता सिन्हा ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से विद्यार्थियों में सेवा भावना, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास होता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं और उन्हें समाज के प्रति संवेदनशील बनाते हैं।
अपराह्न सत्र में बौद्धिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें “साइबर अपराध जागरूकता” विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। अर्थशास्त्र विभाग के सहायक प्रोफेसर विश्व प्रकाश शुक्ल ने कहा कि तेजी से बढ़ते डिजिटलीकरण ने दुनिया को एक वैश्विक गांव में बदल दिया है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि आजकल मोबाइल फोन, ईमेल, मैसेज, व्हाट्सएप कॉलिंग और स्कैनर जैसे माध्यमों का दुरुपयोग कर ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
उन्होंने विशेष रूप से फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर अपराधों के प्रति सावधान रहने की अपील की और कहा कि ये अपराध न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक, सामाजिक और राष्ट्रीय स्तर पर भी गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज से सतर्क रहें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. सर्वन कुमार यादव, रमाकांत गौड़, संतोष कुमार, डॉ. प्रियंका पटेल, डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह, श्री पवन कुमार सिंह, डॉ. अमिता सिंह, डॉ. संतोष कुमार यादव, डॉ. शमशेर बहादुर सिंह एवं डॉ. रोहित सहित अन्य कर्मचारीगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि गांवों में भी साइबर सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैलाने में सफल साबित हुआ।


















