अलीनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, जाली नोट छापने वाला गिरोह बेनकाब, एक गिरफ्तार, दो बाल अपचारी हिरासत में, सोशल मीडिया से सीखी थी नकली नोट बनाने की तकनीक
चंदौली : जनपद के थाना अलीनगर एवं स्वाट/सर्विलांस पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जाली नोट बनाने और उनकी सप्लाई करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जबकि दो बाल अपचारियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। मौके से भारी मात्रा में जाली नोट, अर्धनिर्मित नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र वैभव कृष्ण के निर्देशन में तथा पुलिस अधीक्षक चंदौली।आदित्य लांग्हे के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
दिनांक 22 मार्च 2026 को थाना अलीनगर व स्वाट/सर्विलांस टीम आलमपुर अंडरपास के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मानसनगर गेट के पास एक मकान की पहली मंजिल पर जाली नोट बनाए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखते ही कमरे में मौजूद लोगों ने भागने की कोशिश की, लेकिन तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने दो व्यक्तियों को मौके पर ही पकड़ लिया।
भारी मात्रा में जाली नोट और उपकरण बरामद
मौके से पुलिस ने 100 रुपये के 42 जाली नोट बरामद किए। इसके अलावा तलाशी के दौरान कुल 55 जाली नोट, 31 शीट (प्रत्येक में 4 नोट) तथा 57 अर्धनिर्मित शीट बरामद हुईं। साथ ही 100, 200 और 500 रुपये के वाटरमार्क पेपर, प्लेन वाटरमार्क शीट और अन्य सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस ने जाली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी जब्त किए, जिनमें प्रिंटर, लैमिनेटर, लाइट बॉक्स, बटर पेपर, बांड पेपर, हेयर ड्रायर और डेल कंपनी का लैपटॉप शामिल है। लैपटॉप में 200 और 500 रुपये के नोटों के डिजाइन भी मिले हैं।
गिरफ्तार अभियुक्त की हुई पहचान
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान उधम सिंह यादव (42 वर्ष) पुत्र नामेश्वर सिंह यादव, निवासी महदेवा अमिलाई थाना बलुआ, जनपद चंदौली के रूप में हुई है। इसके अलावा दो बाल अपचारियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
सोशल मीडिया से सीखी जालसाजी
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसने जाली नोट छापने की तकनीक YouTube और Google के माध्यम से सीखी थी। उसका संपर्क Instagram के जरिए एक व्यक्ति से हुआ, जिसने उपकरण और सामग्री उपलब्ध कराई।
अभियुक्त जाली नोटों के बदले असली नोट लेने का धंधा करता था। वह 3500 रुपये के जाली नोट के बदले 1000 रुपये असली लेता था।
केस दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी
इस मामले में थाना अलीनगर में मु0अ0सं0 182/26 के तहत धारा 178/179/180/181 बीएनएस में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में लगी है।
पुलिस टीम की भूमिका
इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अलीनगर अनिल कुमार पाण्डेय एवं स्वाट/सर्विलांस प्रभारी रामजनम यादव अपनी टीम के साथ शामिल रहे।
निष्कर्ष
अलीनगर पुलिस की इस कार्रवाई ने जाली नोटों के अवैध कारोबार पर बड़ा प्रहार किया है। साथ ही यह भी सामने आया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर अपराधी नई तकनीक सीखकर अपराध को अंजाम दे रहे हैं, जो कानून व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।


















