डीएम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक, भारत माला परियोजना व DFCCIL के भूमि अधिग्रहण की हुई समीक्षा

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डीएम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक, भारत माला परियोजना व DFCCIL के भूमि अधिग्रहण की हुई समीक्षा

चंदौली : जिलाधिकारी निखिल टी फुंडे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में भारत माला परियोजना और डीएफसीसीआईएल (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) के तहत भूमि अधिग्रहण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, तहसीलदार, लेखपाल, और अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने के निर्देश

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने परियोजनाओं के तहत प्रभावित किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने और बकाया मुआवजा जल्द से जल्द वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदारों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि किसानों की भूमि के सत्यापन में तेजी लाएं और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को मार्च 2025 तक पूरी करें।

उन्होंने लेखपालों और अन्य संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में कोई लापरवाही पाई गई तो दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि 20 मार्च 2025 तक प्रभावित किसानों की भूमि का सत्यापन कर सूची तैयार की जाए और उन्हें मुआवजा दिलाने की जिम्मेदारी का शत-प्रतिशत निर्वहन सुनिश्चित किया जाए।

बकाया मुआवजा मार्च तक निपटाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट किया कि भारत माला परियोजना और DFCCIL के तहत जिन गांवों में किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है, उनका भुगतान मार्च महीने तक पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न हो रही है तो मौके पर गठित विशेष टीम जाकर समस्या का निस्तारण करें और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करें।

रिंग रोड और रेलवे थर्ड लाइन से प्रभावित जमीनों पर चर्चा

बैठक के दौरान रिंग रोड और रेलवे थर्ड लाइन परियोजना में प्रभावित किसानों की भूमि पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि अब तक जिन किसानों को मुआवजा नहीं मिला है, उनकी रिपोर्ट तैयार की जाए और अविलंब भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी जमीन, तालाब, और अन्य भूमि का चिन्हांकन कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करें।

अधिकारियों की उपस्थिति

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुरेंद्र सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा, ओसी अविनाश कुमार, और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करें और समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

निष्कर्ष

यह बैठक भारत माला परियोजना, DFCCIL, रिंग रोड, और रेलवे थर्ड लाइन परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी लंबित समस्याओं को हल करने और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। जिलाधिकारी द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों के बाद संबंधित अधिकारियों पर जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य को पूरा करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें।