चंदौली में कृषि संकल्प अभियान का आगाज, महिला कृषकों को मिला स्वरोजगार का मंत्र

12

चंदौली में कृषि संकल्प अभियान का आगाज, महिला कृषकों को मिला स्वरोजगार का मंत्र

चंदौली : चहनियां विकासखंड अंतर्गत महुअरकला और बलुआ गांवों में शुक्रवार को ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के अंतर्गत कृषकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिकों ने आधुनिक खेती, स्वरोजगार के नए अवसर, श्री अन्न (मोटे अनाज), मृदा स्वास्थ्य और फसल बीमा योजनाओं के प्रति किसानों को जागरूक किया। कार्यक्रम में महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिन्हें घरेलू उत्पाद निर्माण में तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी से पधारीं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. स्वाति शर्मा ने महिला कृषकों को अचार, पापड़, जैम, जेली जैसे घरेलू उत्पाद बनाने की प्रक्रिया और बाज़ार में उनके विक्रय की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्वरोजगार के इन साधनों से महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं और परिवार की आय में योगदान दे सकती हैं। साथ ही, उन्होंने दैनिक आहार में फल और सब्जियों के पोषणीय महत्व पर भी चर्चा की।

डॉ. अमित सिंह ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि मृदा परीक्षण से भूमि की उर्वरता को समझकर उर्वरकों का संतुलित प्रयोग किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने श्री अन्न (मिलेट्स) जैसे कोदो, बाजरा, ज्वार आदि अनाजों की खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने बताया कि श्री अन्न न केवल पोषण से भरपूर हैं, बल्कि मधुमेह, मोटापा व हृदय रोग जैसी बीमारियों की रोकथाम में भी सहायक हैं।

एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी की ओर से आए प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को लाभ, पात्रता व सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे समय से बीमा कराएं ताकि प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से होने वाले फसल नुकसान की भरपाई हो सके।

इस अवसर पर कार्यक्रम व्यवस्थापक डॉ. ए.के. तिवारी ने कृषि वैज्ञानिकों व अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम 29 मई से 12 जून 2025 तक जिले के विभिन्न गांवों में प्रतिदिन तीन ग्राम पंचायतों में आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम में एडीओ पीपी गुलाब मौर्य, एसएमएस डॉ. संजय सिंह यादव, तकनीकी सहायक कमलेश प्रजापति, रामानंद, अमित मौर्या, शिवांगी पाण्डेय, दामिनी, गुलशन, विकास यादव, सुरेंद्र मिश्रा, नरेंद्र, राधेश्याम तिवारी, ओमकार यादव, सियाराम प्रजापति, रंजीत बहादुर सिंह, अशोक कन्नौजिया, रामसेवक यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण कृषक व महिला समूहों की सदस्याएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन सहायक विकास अधिकारी कृषि चहनियां सुनील यादव द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।

इस अवसर पर ग्रामीणों ने कृषि विभाग के इस प्रयास की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की मांग की, ताकि गांवों तक तकनीकी जानकारी और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंच सके।