आईजीआरएस की समीक्षा बैठक में सख्त हुए डीएम, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न होने पर कार्रवाई के निर्देश
चंदौली : आईजीआरएस की समीक्षा बैठक में डीएम निखिल टी. फुंडे ने विभागों द्वारा अपलोड की गई निस्तारण आख्याओं के गुणवत्तापूर्ण न होने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए फटकार लगाई. साथ ही शिकायत निस्तारण की धीमी प्रगति पर चिंता जाहिर करते हुए कड़ा रोष जाहिर किया. डीएम ने बैठक के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि शासन के मंशा के अनुरूप समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नही हुआ तो सम्बन्धित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी.

शिकायतों के गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
डीएम ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के संदर्भों के निस्तारण में इसकी आख्या जनप्रतिनिधियों को अवश्य उपलब्ध कराई जाए. साथ ही सभी कार्यालय में जनप्रतिनिधियों के संदर्भों से संबंधित एक रजिस्टर बनाया जाए और उसे रजिस्टर को प्रत्येक दशा में अद्यतन रखा जाए. उन्होंने कहा कि प्रत्येक दशा में शिकायतों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए. सभी अधिकारी अपने ऑफिस में अधीनस्थों के साथ बैठक कर उन्हें शासन की मंशा अनुरूप कार्यवाही करने हेतु निर्देशित करें. साथ ही निस्तारित प्रकरणों का क्रॉस चेकिंग भी किया जाय.

शासन स्तर पर लिया जा रहा फीडबैक
डीएम ने बताया कि शासन स्तर पर भी इस संबंध में फीडबैक लिया जा रहा है. इसी क्रम में अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी के 35 मामलों का फीडबैक लिया गया जिसमें से 31 मामलों में असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हुआ. वही अधिशासी अभियंता विद्युत के 33 मामलों का फीडबैक लिए जाने पर 20 मामलों में असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हुआ. डीपीआरओ के 13 में से 10 मामलों में असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हुआ. डिफाल्टर केस के संबंध में वीडियो धानापुर के 06 मामलों में डिफाल्टर होने पर डीएम ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई. वही एमओआईसी शहाबगंज के 06 डिफाल्टर, सिंचाई विभाग के 05 डिफाल्टर, ईओ मुगलसराय के 04 और मनरेगा में तीन मामले डिफाल्टर मिले.
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, समस्त एसडीएम, समस्त तहसीलदार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, समाज कल्याण अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं अन्य सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे.


















