गंगा किनारे अवैध मिट्टी खनन से गांवों पर संकट, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
चंदौली : बलुआ थाना क्षेत्र के जमालपुर महमदपुर गांव में इन दिनों अवैध मिट्टी खनन का खेल खुलेआम चल रहा है। आरोप है कि बिना लाइसेंस और निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए जेसीबी मशीनों से लगातार मिट्टी की खुदाई की जा रही है। इस पूरे मामले में खनन विभाग की चुप्पी स्थानीय लोगों के बीच चर्चा और आक्रोश का विषय बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार गंगा किनारे से महज 300 मीटर की दूरी पर प्रतिदिन सात से आठ फीट तक गहराई में खुदाई की जा रही है, जबकि नियमों के मुताबिक अधिकतम तीन फीट तक ही खुदाई की अनुमति होती है, वह भी वैध परमिशन के बाद। इसके बावजूद खनन माफिया नियमों को ताक पर रखकर ट्रैक्टरों के जरिए मिट्टी की ढुलाई कर रहे हैं।
गांव गंगा तट से लगभग 400 मीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में इस तरह की गहरी खुदाई से कटान का खतरा और अधिक बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा किनारे की मिट्टी प्राकृतिक रूप से बाढ़ के पानी को रोकने में सहायक होती है, लेकिन अत्यधिक खनन से यह सुरक्षा कवच कमजोर हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आगामी बाढ़ में पानी तेजी से गांव में प्रवेश कर सकता है, जिससे भारी तबाही और लोगों को पलायन तक की नौबत आ सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए अवैध खनन पर रोक लगाने की अपील की है। वहीं खनन माफियाओं की इस गतिविधि को लेकर जिला प्रशासन की निष्क्रियता भी सवालों के घेरे में है।


















