माघी पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी
चंदौली : माघ पूर्णिमा को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता है. मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी घाट पहुंचे. ब्रम्ह मुहूर्त से ही हजारों श्रद्धालु पवित्र गंगा नदी में स्नान करने पहुंचे. सुबह की शीतल बयार के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ प्राप्त किया.

स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना की. पश्चिम वाहिनी गंगा घाट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की थी. घाट पर साफ-सफाई के लिए विशेष ध्यान रखा गया. भीड़ को देखते हुए बलुआ इंस्पेक्टर डॉ. आशीष मिश्रा मय फोर्स सुरक्षा व्यवस्था में लगे रहे. इसके अलावा गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल, वालेंटियर, गोताखोर मौजूद रहे. वही स्वास्थ्य विभाग की ओर से कैंप भी लगाया गया था.

हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास में शुक्ल पक्ष का 15वीं तिथि ही माघ पूर्णिमा कहलाती है. इस दिन का धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से खास महत्व है और भारत के अलग-अलग हिस्सों में इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है. लोग घरों में भी कथा-हवन-पूजन का आयोजन करते हैं और अगर व्यवस्था हो सकती है तो गंगा तट पर कथा-पूजन का अलग ही महत्व है. माना जाता है कि शरद पूर्णिमा की ही तरह माघ मास की पूर्णिमा का चंद्रमा भी अमृत वर्षा करता है और इस दौरान वह नदी, सरोवर आदि के जल को अमृत तुल्य कर देता है. इसलिए इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु नदी तट पर स्नान करने जुटते हैं.


















