भीषण ठंड और घने कोहरे से चंदौली बेहाल, स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा, लोगों को अलाव की आग बनी सहारा
चंदौली : जिले में पड़ रही भीषण ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से लेकर देर शाम तक आसमान में छाया घना कोहरा न केवल दृश्यता को बेहद कम कर रहा है, बल्कि सड़कों पर चल रहे वाहनों की रफ्तार भी थाम दे रहा है। हाईवे से लेकर ग्रामीण सड़कों तक वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।
सुबह और रात के समय ठंड का प्रकोप
कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोग जगह-जगह अलाव जलाने को मजबूर हैं। चौराहों, बस अड्डों, ग्रामीण क्षेत्रों और बाजारों में जल रहे अलाव से लोगों को कुछ राहत जरूर मिल रही है, लेकिन ठिठुरन कम होने का नाम नहीं ले रही। खासकर सुबह और रात के समय ठंड का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है।
सर्द मौसम में सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों में इजाफा
इस भीषण ठंड का सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। सर्द मौसम के चलते शर्दी, जुखाम और बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की भीड़ देखी जा रही है।
छोटे-छोटे बच्चों का वाहनों से स्कूल जाना खतरे का आमंत्रण
सबसे चिंता का विषय यह है कि भीषण ठंड और घने कोहरे के बावजूद स्कूली बच्चों को स्कूल जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम है, ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों का वाहनों से स्कूल जाना खतरे को खुला आमंत्रण माना जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से बड़ा कुछ नहीं है, ऐसे में स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद किया जाना चाहिए।
चिंतित अभिभावकों ने डीएम से की स्कूल बंद करने की मांग
अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों में शीतावकाश घोषित किया जाए। उनका कहना है कि आसपास के कई जनपदों में जिलाधिकारियों द्वारा पहले ही शीतावकाश घोषित किया जा चुका है, लेकिन चंदौली में अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। भीषण ठंड और कोहरे के चलते आमजन जिला प्रशासन की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है कि जल्द ही जनहित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि लोगों, विशेषकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को राहत मिल सके।
निष्कर्ष
भीषण ठंड और घने कोहरे ने चंदौली जिले में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जहां एक ओर आम लोग ठिठुरन से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्कूली बच्चों का घने कोहरे में स्कूल जाना उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है। बढ़ती मौसमी बीमारियां भी चिंता का विषय हैं। ऐसे में जनहित और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा शीघ्र शीतावकाश घोषित किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि आमजन और विशेषकर बच्चों को इस भीषण ठंड से राहत मिल सके।


















