मानसून से पहले चंदौली प्रशासन अलर्ट, बाढ़ आपदा से निपटने के लिए हुआ वृहद मॉक ड्रिल, जिलाधिकारी ने परखी तैयारियां

19

मानसून से पहले चंदौली प्रशासन अलर्ट, बाढ़ आपदा से निपटने के लिए हुआ वृहद मॉक ड्रिल, जिलाधिकारी ने परखी तैयारियां

चंदौली : मानसून के आगमन से पहले बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए चंदौली जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जिले के विभिन्न संवेदनशील एवं नदी तटीय क्षेत्रों में वृहद स्तर पर मॉक ड्रिल (पूर्वाभ्यास) आयोजित कर राहत एवं बचाव तंत्र की तैयारियों का परीक्षण किया गया।

तहसील सदर के पड़या गांव में आयोजित मॉक ड्रिल का निरीक्षण स्वयं जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने किया। इस दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया।

जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और टीमों की तैयारियों का जायजा लेते हुए कहा कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा की स्थिति में बिना किसी देरी के रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि नियमित पूर्वाभ्यास से न केवल सुरक्षा एजेंसियों की कार्यक्षमता बढ़ती है, बल्कि आम जनता में भी सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत होती है।

विभिन्न तहसीलों में अलग-अलग आपदा परिदृश्यों का हुआ अभ्यास

तहसील सकलडीहा के पसहटा गांव में गंगा नदी में बाढ़ आने की काल्पनिक स्थिति बनाकर खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया। इस दौरान राहत शिविर, बाढ़ चौकी, पशु शिविर और फील्ड हॉस्पिटल की स्थापना का अभ्यास किया गया। साथ ही वैकल्पिक संचार व्यवस्था को सक्रिय करने और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने की तैयारियों का भी परीक्षण किया गया।

वहीं लतीफ शाह वीयर पर अचानक फ्लैश फ्लड आने और पर्यटकों के फंसने की स्थिति का पूर्वाभ्यास किया गया। इसमें रेस्क्यू ऑपरेशन, घायलों को प्राथमिक उपचार देने, एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल रेफर करने तथा अफवाहों पर नियंत्रण के लिए मीडिया ब्रीफिंग की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।

तहसील पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के बहादुरपुर गांव में बाढ़ग्रस्त क्षेत्र से लोगों को निकालने के दौरान नाव दुर्घटना की स्थिति का अभ्यास किया गया। इसके अलावा बाढ़ से चंदौली-बबुरी मार्ग कट जाने पर मार्ग बहाली, यातायात नियंत्रण, रूट डायवर्जन और बांध में रिसाव की स्थिति में बचाव कार्यों का भी सफल पूर्वाभ्यास किया गया।

जीवन रक्षक उपकरणों के साथ मुस्तैद रहें आपदा मित्र : जिलाधिकारी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कहा कि आपदा मित्रों को नाव, मोटर बोट, लाइफ जैकेट, लाइट और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों के साथ पूरी तत्परता एवं निस्वार्थ भाव से सेवा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। उन्होंने सुरक्षित आश्रय स्थलों पर पेयजल, बिजली और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नेटवर्क बाधित होने की स्थिति में वायरलेस एवं सैटेलाइट संचार व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आपदा प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को समय रहते जागरूक किया जाए, ताकि आपात स्थिति में घबराहट के बजाय वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें।

मानसून से पहले चंदौली प्रशासन द्वारा किया गया यह व्यापक पूर्वाभ्यास जिले की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे संभावित बाढ़ के दौरान जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।