कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों को दी वैज्ञानिक खेती की जानकारी, संतुलित उर्वरक प्रयोग पर जोर
चंदौली : खेत बचाओ अभियान एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत ग्राम टीरो (ब्लॉक-सदर) में कृषि विज्ञान केंद्र, चंदौली, उर्वरक मंत्रालय एवं हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL) के संयुक्त तत्वावधान में कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण के दौरान “उर्वरक की पाठशाला” के माध्यम से संतुलित उर्वरक उपयोग, रासायनिक उर्वरकों के विवेकपूर्ण प्रयोग, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, टिकाऊ कृषि पद्धतियों तथा नवीन कृषि तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों से मिट्टी की जांच के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने का आह्वान किया।
कृषि विज्ञान केंद्र, चंदौली के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने मृदा स्वास्थ्य सुधार, किसान उत्पादक संगठन (FPO), जैविक एवं प्राकृतिक खेती के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने की अपील की।
इस अवसर पर डॉ. मनीष सिंह ने पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया। वहीं डॉ. अभय दीप गौतम ने गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, बीज एवं मृदा शोधन तथा धान की फसल में लगने वाले प्रमुख कीट एवं रोगों के वैज्ञानिक प्रबंधन के बारे में किसानों को विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में उर्वरक मंत्रालय के श्री सतुघ्न एवं श्री गौरव पांडेय, तथा हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के श्री शशि प्रकाश द्विवेदी एवं श्री रोहित सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने प्रशिक्षण के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर इसे खेती में अपनाने का संकल्प लिया।


















