मॉं खण्डवारी विधि महाविद्यालय में बी.ए.एल.एल.बी. कोर्स की मिली मान्यता, प्रवेश प्रक्रिया शुरू
चंदौली। मॉं खण्डवारी विधि महाविद्यालय, सुरतापुर, चहनियां को बड़ी सफलता मिली है। महाविद्यालय को बी.ए.एल.एल.बी. (पाँच वर्षीय) पाठ्यक्रम की विधिवत मान्यता प्राप्त हो गई है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर संस्थान के शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों में हर्ष का माहौल है।
प्रवेश प्रक्रिया हुई प्रारंभ
संस्थान के निदेशक डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025 से बी.ए.एल.एल.बी. (5 वर्षीय) और एल.एल.बी. (3 वर्षीय) कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इच्छुक छात्र-छात्राएं आवेदन कर सकते हैं और विधि की शिक्षा के क्षेत्र में अपने करियर को नई दिशा दे सकते हैं।
महाविद्यालय को मिली एक नई पहचान
निदेशक डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि महाविद्यालय के निरंतर प्रयास और विधिक शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने बताया कि इससे क्षेत्र के छात्रों को एक बेहतर कानूनी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और वे न्यायिक क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकेंगे।
छात्रों को मिलेगा लाभ
इस मान्यता से खासतौर पर पूर्वांचल के छात्रों को फायदा मिलेगा, जो विधिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए अब दूर जाने को मजबूर नहीं होंगे। महाविद्यालय के प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली विधिक शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे वे अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
भविष्य की योजनाएँ
संस्थान प्रशासन ने आगे बताया कि वे महाविद्यालय में एल.एल.एम. और पी.एच.डी. पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में भी प्रयासरत हैं, ताकि छात्रों को उन्नत विधिक शिक्षा और शोध कार्यों के लिए प्रेरित किया जा सके।
इस उपलब्धि के साथ ही मॉं खण्डवारी विधि महाविद्यालय ने चंदौली जिले में विधिक शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाई है। यह क्षेत्र के छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जिससे वे न्यायिक क्षेत्र में अपना करियर संवार सकते हैं।
उल्लास का माहौल
मान्यता मिलने के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में हर्षोल्लास का माहौल रहा। इस अवसर पर संस्था के सच्चिदानंद सिंह, मिथिलेश पाण्डेय, सुशील पाण्डेय, डॉ. अश्विनी श्रीवास्तव, डॉ. नवनीत तिवारी, डॉ. अजय सिंह छेदी, डॉ. श्याम नारायण सिंह, आदित्य सिंह, सुजीत सिंह, मो. इस्लामुद्दीन, अभिषेक सिंह, राहुल यादव, संतोष सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इसे महाविद्यालय और क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।


















