चंदौली में शोक की लहर, राजपूत बटालियन के जवान बिजेंद्र यादव का निधन, गांव में मातम
चंदौली : चहनियां क्षेत्र के सराय रसूलपुर गांवसभा के सेवई के पुरवा निवासी राजपूत बटालियन के जांबाज जवान बिजेंद्र यादव (30) के असमय निधन की खबर से पूरे गांव में मातम पसर गया। बुधवार की सुबह जब उनके पिता लल्लन यादव के मोबाइल पर कमांडेंट का फोन आया, तो खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।
2018 में हुई थी पहली पोस्टिंग
किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले लल्लन यादव के सबसे छोटे बेटे बिजेंद्र ने साल 2018 में सेना की राजपूत बटालियन में बतौर सिपाही ज्वाइन किया था। उनकी पहली पोस्टिंग लद्दाख में हुई थी, जहां उन्होंने कड़े मौसम और कठिन हालात में देश की सेवा की। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश के सागर में तैनात थे।
निधन की खबर सुनते ही बिखर गया परिवार
बुधवार की सुबह अचानक आई इस खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। पिता लल्लन यादव बताते हैं कि कमांडेंट ने फोन पर केवल निधन की सूचना दी, लेकिन कारण स्पष्ट नहीं बताया। परिवार अभी भी यह समझ नहीं पा रहा कि आखिर बिजेंद्र की मौत कैसे हुई।
छह माह की मासूम बच्ची हुई अनाथ
करीब डेढ़ साल पहले बिजेंद्र की शादी धानापुर थाना क्षेत्र के अटौली गांव की रहने वाली प्रज्ञा से हुई थी। शादी के बाद उनका परिवार खुशियों से भर गया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। बिजेंद्र की छह माह की मासूम बेटी अब पिता के स्नेह से वंचित हो गई।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
बिजेंद्र तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई देवेंद्र यादव गुड़गांव में निजी नौकरी करते हैं, जबकि मंझले भाई सत्येंद्र यादव सोनहुला स्थित एक प्राइवेट इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। मां निर्मला देवी, पत्नी प्रज्ञा, पिता लल्लन यादव, और दोनों भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में पसरा सन्नाटा, सैन्य सम्मान से होगा अंतिम संस्कार
निधन की खबर जैसे ही गांव पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया। ग्रामीण बड़ी संख्या में शोक संतप्त परिवार के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं। उम्मीद है कि सेना की ओर से बिजेंद्र का पार्थिव शरीर जल्द ही गांव लाया जाएगा, जहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।


















