जमीनी विवाद, जल-निकासी और सड़क मरम्मत में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई, सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, 42 शिकायतों में सात का मौके पर निस्तारण

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जमीनी विवाद, जल-निकासी और सड़क मरम्मत में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई, सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, 42 शिकायतों में सात का मौके पर निस्तारण

चंदौली : चकिया तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण तरीके से करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा फर्जी रिपोर्ट पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, विकास और भूमि विवाद समेत विभिन्न मामलों से संबंधित कुल 42 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 07 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि पांच मामलों में जांच के लिए टीम गठित की गई। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपते हुए निर्धारित समय सीमा में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

भूमि विवादों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने भूमि विवाद से जुड़े मामलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने भूमि पैमाइश, अवैध कब्जे तथा राजस्व और पुलिस से जुड़े संयुक्त मामलों में मौके पर जाकर निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को केवल कागजी निस्तारण नहीं, बल्कि वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।

जलजमाव और सड़क मरम्मत पर भी सख्ती

बारिश के दौरान जलजमाव और जल-निकासी की समस्याओं को लेकर डीएम ने संबंधित निकायों और पंचायत प्रतिनिधियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। वहीं क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और मेंटेनेंस कार्य में किसी भी तरह की शिथिलता नहीं बरतने को कहा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनहित से जुड़े ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाए।

केयरटेकर के मानदेय का मामला पहुंचा समाधान दिवस में
सम्पूर्ण समाधान दिवस में ईशापुर कला स्थित सामुदायिक शौचालय के केयरटेकर ने मानदेय का भुगतान नहीं होने की शिकायत की। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की।

जांच में पूर्व सचिव की लापरवाही के कारण भुगतान लंबित पाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद डीपीआरओ ने वर्तमान सचिव और ग्राम प्रधान को आवश्यक कार्रवाई करते हुए बकाया मानदेय का भुगतान जल्द कराने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने भी पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की और थानों से संबंधित मामलों का निष्पक्ष एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ये रहे मौजूद

सम्पूर्ण समाधान दिवस में मुख्य चिकित्साधिकारी, डीसी मनरेगा, उप जिलाधिकारी चकिया, क्षेत्राधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास), अधिशासी अभियंता विद्युत, नायब तहसीलदार सहित राजस्व, विकास, विद्युत एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।