मनरेगा भुगतान को लेकर प्रधानों का फूटा गुस्सा, 30 सितंबर तक का अल्टीमेटम, बीडीओ व ब्लॉक प्रमुख को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
चंदौली : मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों के सामग्री अंश का भुगतान लंबित होने से धानापुर विकासखंड के ग्राम प्रधानों में भारी आक्रोश है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों ने खंड विकास अधिकारी एवं ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह को ज्ञापन सौंपकर लंबित भुगतान शीघ्र कराने की मांग की। प्रधानों ने पत्रक के माध्यम से जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग का भी ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट कराया।
सामग्री भुगतान को लेकर प्रधानों का हल्लाबोल
ग्राम प्रधानों का कहना है कि शासन के निर्देश पर वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 में विभिन्न ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के अंतर्गत कई विकास कार्य कराए गए। इनमें आंगनबाड़ी केंद्र, अन्नपूर्णा भवन, तालाब घाट, विद्यालय की बाउंड्रीवाल, नाली निर्माण और इंटरलॉकिंग समेत अन्य कार्य शामिल हैं। प्रधानों के अनुसार कार्यों में प्रयुक्त सामग्री के मद में संबंधित फर्मों का भुगतान अभी तक नहीं हो सका है। भुगतान लंबित होने के कारण फर्म संचालकों की ओर से लगातार बकाया धनराशि की मांग की जा रही है।
लंबित भुगतान से प्रधान बेहाल
प्रधानों ने बताया कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के चलते ग्राम पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ता जा रहा है। फर्म संचालकों द्वारा भुगतान के लिए लगातार तकादा किए जाने से प्रधानों के सामने स्थिति गंभीर होती जा रही है। ज्ञापन में प्रधानों ने कहा कि यदि 30 सितंबर 2026 तक सामग्री अंश का भुगतान नहीं किया गया, तो वे विकासखंड मुख्यालय पर सामूहिक रूप से भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन में कुछ प्रधानों ने अत्यधिक मानसिक दबाव के चलते आत्महत्या तक करने की चेतावनी दी है।
प्रधानों ने प्रशासन से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए लंबित सामग्री अंश की धनराशि जल्द से जल्द जारी कराई जाए, ताकि संबंधित फर्मों का भुगतान किया जा सके और ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को लेकर उत्पन्न गतिरोध समाप्त हो।
डीएम से मामले में हस्तक्षेप कर भुगतान की मांग
प्रधानों का कहना है कि मनरेगा के कार्य शासन की योजनाओं के तहत कराए गए हैं। ऐसे में सामग्री मद का भुगतान समय से नहीं होने पर ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों को अनावश्यक दबाव और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की।
ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रधान राजेश सिंह, रामप्रवेश त्रिपाठी, चंचल सिंह, तारा सिंह, नीलम देवी, धनंजय पाण्डेय, सतीश कुमार, पप्पू यादव, मंजिता देवी, छोटू, धर्मा, अनिता देवी समेत दर्जनों ग्राम प्रधान मौजूद रहे। प्रधानों ने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।









