शीतलहर में मानवता की मिसाल, अभिषेक सेवा संस्था ने 200 जरूरतमंदों को बांटे कंबल
चंदौली : भीषण शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए शासन-प्रशासन के साथ-साथ समाजसेवी संस्थाएं भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आ रही हैं। इसी क्रम में सोमवार को अभिषेक सेवा संस्था द्वारा गरीब, असहाय एवं वंचित लोगों के बीच कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एच.डी. नर्सिंग एंड पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट, सरेहुआ कला के परिसर में संपन्न हुआ।
कंबल पाकर खिले जरूरतमंदों के चेहरे
कार्यक्रम का आयोजन अभिषेक सेवा संस्था के सचिव डॉ. संजय कुमार के नेतृत्व में किया गया, जिसमें ठंड से बचाव के लिए जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए। कंबल पाकर लाभार्थियों के चेहरों पर राहत और संतोष साफ नजर आया। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि ठंड के इस मौसम में गरीब और बेसहारा लोगों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में यह छोटा सा प्रयास उन्हें ठंड से बचाने में सहायक होगा।
जरूरतमंदों की सेवा ही सच्ची पूजा : डॉ. संजय कुमार
इस अवसर पर संस्था के सचिव डॉ. संजय कुमार ने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा ही सच्चे अर्थों में परमात्मा की पूजा है। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे आगे आकर गरीबों और असहायों की मदद करें, ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण परेशान न हो।
सामाजिक सेवा जारी रखने का संकल्प
वहीं, अभिषेक सेवा संस्था के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक शेखर ने कार्यक्रम के दौरान कुल 200 कंबलों का वितरण किया। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी इसी तरह सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्य करती रहेगी और जरूरतमंदों के सहयोग के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
कंबल वितरण में उमड़ी जरूरतमंदों की भीड़
कंबल वितरण कार्यक्रम में सरेहुआ कला गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों ने संस्था के इस मानवीय प्रयास की सराहना की और आभार व्यक्त किया।
निष्कर्ष
अभिषेक सेवा संस्था द्वारा आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम ने यह साबित किया कि समाजसेवी संस्थाओं की सक्रिय भूमिका से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिल सकती है। भीषण ठंड के बीच गरीब और असहाय लोगों को कंबल उपलब्ध कराकर संस्था ने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। ऐसे प्रयास न केवल जरूरतमंदों को सुरक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और सेवा भावना को भी मजबूत करते हैं।


















