शैक्षिक गुणवत्ता सुधार को लेकर चंदौली में चला सघन निरीक्षण अभियान, दो शिक्षक व सात शिक्षामित्र अनुपस्थित पाए गए, वेतन रोका गया
चंदौली : जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश पर जनपद चंदौली में संचालित परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता, व्यवस्थाओं तथा अनुशासन की स्थिति का व्यापक मूल्यांकन करने हेतु एक सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान की अगुवाई जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने स्वयं की। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना और सरकारी शिक्षण संस्थानों में शैक्षिक वातावरण को सुदृढ़ करना था।
इस अभियान के अंतर्गत विकास खण्ड नौगढ़ के 60 परिषदीय विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दो सहायक अध्यापक और सात शिक्षामित्र बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए, जिससे शिक्षा विभाग में हलचल मच गई। बीईओ द्वारा तत्परता दिखाते हुए अनुपस्थित शिक्षकों और शिक्षामित्रों का वेतन/मानदेय तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है और सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
निरीक्षण में जिन विद्यालयों को सम्मिलित किया गया उनमें प्रमुख रूप से कम्पोजिट विद्यालय मझगाई, प्राथमिक विद्यालय तेन्दुआ, पूर्व माध्यमिक विद्यालय मझगांवा, प्रा.वि. जयमोहनी मुसहर बस्ती, प्रा.वि. तिवारीपुर, कम्पोजिट विद्यालय सोनवार, प्रा.वि. जनकपुर, पू.मा.वि. केसार, कम्पोजिट विद्यालय बैरगाढ़, प्रा.वि. नौबादी, पू.मा.वि. जरहर, कम्पोजिट विद्यालय अमृतपुर, कम्पोजिट विद्यालय विशेषरपुर, कम्पोजिट विद्यालय शमशेरपुर, प्रा.वि. जमसोती, कम्पोजिट विद्यालय नरकटी, पू.मा.वि. बजरडिहां, प्रा.वि. देवखत, प्रा.वि. भैसोड़ा, पू.मा.वि. अमदहां, पू.मा.वि. रिठीयां, प्रा.वि. बोदलपुर, प्रा.वि. मरवटियाँ शामिल हैं।
निरीक्षण के दौरान स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति, छात्रों की उपस्थिति, मिड-डे मील की गुणवत्ता, फल व दूध वितरण की प्रक्रिया, टीचिंग-लर्निंग मैटेरियल की उपलब्धता, कक्षाओं की साफ-सफाई, शिक्षण कार्य की नियमितता, नामांकन वृद्धि और शैक्षिक उपलब्धि जैसे 19 प्रमुख पैरामीटर्स के आधार पर मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण में दिए गए प्रमुख निर्देशों में शामिल हैं :
● सभी विद्यालयों में शिक्षक डायरी बनाते हुए नियमित अपडेट करने का निर्देश
● समय-सारणी का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो।
● पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षण कार्य नियमित रूप से हो।
● डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से संबंधित लंबित मामलों को शीघ्र निस्तारित कर लाभार्थियों को समय से लाभ प्रदान किया जाए।
● यू-डायस (U-DISE) डाटा को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए।
● ‘निपुण भारत मिशन’ के तहत छात्रों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान में दक्ष बनाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए।
● विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण तथा शैक्षिक वातावरण की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
शिक्षकों में मची हलचल
इस व्यापक निरीक्षण अभियान के बाद परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। अब प्रत्येक शिक्षक और शिक्षामित्र को अपने कार्य के प्रति अधिक जवाबदेह रहना होगा। बीएसए ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के आकस्मिक निरीक्षण होते रहेंगे और लापरवाही पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


















