परिषदीय प्रतिभावों ने बिखेरा रंग, कैथी द्वितीय विद्यालय का वार्षिक उत्सव बना यादगार
चंदौली : चहनियां विकास खंड के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय कैथी द्वितीय में बुधवार को वार्षिक उत्सव समारोह बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसे खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र प्रताप सहाय, एआरपी आत्मप्रकाश पाण्डेय, हंसराज यादव और चमन सिंह ने संयुक्त रूप से संपन्न किया।
खंड शिक्षा अधिकारी ने दी प्रेरणादायी सीख
समारोह में बतौर मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र प्रताप सहाय शामिल हुए, जिन्हें विद्यालय परिवार की ओर से मोमेंटो और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यालय की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि, “परिषदीय विद्यालयों के बच्चों में अब वह आत्मविश्वास और प्रतिभा दिखाई दे रही है, जो उन्हें कान्वेंट स्कूलों के बच्चों की बराबरी में खड़ा कर रहा है। यह बदलाव शिक्षकों की मेहनत और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व ग्राम प्रधान घूरा राम ने की, जिन्होंने विद्यालय के सतत विकास और बच्चों की प्रतिभा की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। इस दौरान बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें देशभक्ति गीत, लोकनृत्य और नाट्य मंचन शामिल रहे। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया और खूब तालियाँ बटोरीं।

कार्यक्रम संचालन व आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम का कुशल संचालन दीनानाथ पाण्डेय ने किया, जिन्होंने कार्यक्रम को सधे हुए अंदाज में आगे बढ़ाया। अंत में प्रधानाध्यापक सूर्यप्रकाश पाण्डेय ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और बच्चों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए सबका धन्यवाद किया।
इस अवसर पर अवधेश उपाध्याय, अवधेश श्रीवास्तव, नंदलाल उपाध्यक्ष, डबलू उपाध्याय, पप्पू उपाध्याय, लालबहादुर उपाध्याय, चंद्रशेखर, बद्दू राम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अभिभावकगण, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति से विद्यालय परिसर उल्लास और ऊर्जा से भरा रहा।
निष्कर्ष
प्राथमिक विद्यालय कैथी द्वितीय में आयोजित वार्षिक उत्सव समारोह न केवल बच्चों की प्रतिभा को मंच देने का अवसर बना, बल्कि परिषदीय शिक्षा की गुणवत्ता और स्तर में हो रहे सुधार का भी प्रमाण प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ी, वहीं बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने यह सिद्ध कर दिया कि गांव के विद्यालयों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जगाने के साथ-साथ समुदाय और विद्यालय के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने का कार्य करते हैं।


















