मथेला में चैत्र नवरात्रि नवमी पर मां काली के दरबार में गूंजेगी आस्था की झंकार, तैयारियां अंतिम चरण में

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मथेला में चैत्र नवरात्रि नवमी पर मां काली के दरबार में गूंजेगी आस्था की झंकार, तैयारियां अंतिम चरण में

चंदौली : जिले के चहनियां क्षेत्र अंतर्गत मथेला गांव में चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि को लेकर माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। प्रसिद्ध मां काली मंदिर में होने वाले भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 26-27 मार्च को नवमी के अवसर पर मां काली के दरबार में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें दूर-दराज से भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

सच्चे मन से मांगी हर मुराद होती है पूरी

मथेला स्थित मां काली मंदिर अपनी अटूट आस्था और चमत्कारी मान्यताओं के लिए क्षेत्रभर में प्रसिद्ध है। स्थानीय श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना अवश्य पूरी होती है। यही कारण है कि नवमी के दिन मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और पूरा क्षेत्र भक्ति में सराबोर हो जाता है।

तबले की थाप पर होगी मां काली की विशेष आराधना

इस खास अवसर पर मां काली को प्रसन्न करने के लिए घुंघरुओं की झंकार और तबले की थाप पर विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। पुजारी राधे चौरसिया के नेतृत्व में अन्य ब्राह्मणों द्वारा मां का भव्य श्रृंगार किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। मां का यह दिव्य और अलौकिक स्वरूप हर वर्ष की तरह इस बार भी भक्तों को भाव-विभोर कर देगा।

हवन-पूजन के साथ पारंपरिक दंगल का भी होगा आयोजन

नवमी पूजन के दौरान विधि-विधान से हवन-पूजन किया जाएगा। इसके साथ ही पारंपरिक दंगल का आयोजन भी किया जाएगा, जो इस आयोजन की खास पहचान है। धार्मिक आस्था और पारंपरिक संस्कृति का यह संगम मथेला को एक अलग ही पहचान देता है।

आयोजन की तैयारियों में जुटे ग्रामीण

आयोजन की तैयारियों में राजेश चौरसिया, निखिल त्रिपाठी, व्यवस्थापक बिरंजय मौर्य, कोषाध्यक्ष पप्पू पासवान, संचालक संतोष पांडेय सहित कई अन्य लोग दिन-रात जुटे हुए हैं, ताकि कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।

मंदिर परिसर में साफ-सफाई, सजावट और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।

भक्ति, परंपरा और उत्साह का अद्भुत संगम

मथेला में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्रीय संस्कृति और परंपरा को भी जीवंत करता है। घुंघरुओं की गूंज, तबले की थाप और मां काली के दिव्य श्रृंगार के साथ यह आयोजन हर साल श्रद्धालुओं के दिलों में खास जगह बना लेता है।