ऑनलाइन हाजिरी को लेकर संयुक्त मोर्चा ने दिया ज्ञापन, CM योगी से शिक्षकों की ये 7 सूत्रीय मांगें
चंदौली : उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन अटेंडेंस को लेकर शिक्षक बेहद नाराज है. ऑनलाइन हाजिरी के आदेश को अव्यावहारिक बताते हुए इस आदेश को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं. इस आदेश के लिए कई संगठन भी आ गए हैं. इस आदेश का विरोध कर रहे शिक्षक 7 सूत्रीय मांगों को लेकर हजारों की संख्या में शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा. वही अपनी मांगे पूरी न होने तक ऑनलाइन हाजिरी का ऐसे ही विरोध करते रहने की चेतावनी दी.
दरअसल 5 जुलाई को महानिदेशक स्कूली शिक्षा उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश के बेसिक शिक्षकों को ऑनलाइन डिजिटल उपस्थित डार्क करने का आदेश दिया गया था. जो आदेश 8 जुलाई से पूरी तरह से लागू होना था. लेकिन इस आदेश को लेकर लगातार शिक्षक विरोध कर रहे हैं. सयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि इस अव्यावहारिक आदेश को लागू करने के लिए शिक्षकों पर दंडात्मक कार्रवाई का भय दिखाकर उपस्थिति देने के लिए बाध्य किया जा रहा है. बंद कमरों में बैठकर ऐसा अव्यावहारिक आदेश जारी करने से पहले शिक्षक प्रतिनिधियों से बात कर लेना भी आवश्यक नहीं समझा गया.

पदाधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन उपस्थिति में जमीनी स्तर पर सैकड़ो समस्याएं आ रही हैं. ऑनलाइन हाजिरी का आदेश व्यावहारिक रूप से अनुचित तो है ही, साथ ही साथ तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण और मानवता का गला घोटने वाला भी है. इसको लेकर शिक्षक शिक्षामित्र अनुदेशक कर्मचारी सयुक्त मोर्चा के बैनर तले सोमवार को 3 बजे जिला अधिकारी कार्यालय चंदौली पर हजारों की संख्या में उपस्थित होकर इस आदेश का पूर्ण बहिष्कार किया. साथ ही जिलाधिकारी के माध्यम से सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी समस्याओं से अवगत कराने के उद्देश्य से ज्ञापन सौंपा.

ये हैं 7 सूत्रीय मांगें
◆ ऑनलाइन डिजिटल उपस्थित शिक्षकों की सेवा के परिस्थिति के दृष्टिगत नियमों व सेवा शर्तों के विपरीत है, इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए.
◆ सभी परिषदीय शिक्षकों को अन्य कर्मचारियों की तरह 30 अर्जित अवकाश, 15 हाफ डे अवकाश, 15 आकस्मिक अवकाश, अवकाश में बुलाए जाने पर प्रतिकर अवकाश प्रदान किया जाए.
◆ सभी शिक्षकों, कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल की जाए.
◆ सभी विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद बहाल करते हुए पदोन्नति की प्रक्रिया को पूर्ण किया जाए.
◆ शिक्षामित्र, अनुदेशक जो वर्षों से विभाग में काम कर रहे हैं उन्हें नियमित किया जाए.
◆ आरटीई ऐक्ट 2009 व राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में समस्त गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त किया जाए.
◆ प्रदेश के समस्त शिक्षकों, शिक्षामित्र अनुदेशकों को सामूहिक बीमा, कैशलेस चिकित्सा आदि से अच्छादित किया जाए.

इस दौरान इस दौरान संतोष सिंह, मनोज पाण्डेय, आनंद मिश्रा, संजय सिंह, इम्तियाज़ खान, फैयाज अहमद, सुनील सिंह, विनोद सिंह, यशवर्धन सिंह, आनंद मिश्रा, संदीप दुबे, सुनील यादव, इंद्रजीत यादव, विकास यादव, अभिनव सिंह, सुरेंद्र त्रिपाठी, अमरनाथ दुबे, कृष्ण नंदन मिश्र, आदित्य ररघुवंशी, राजकुमार जायसवाल, आदित्य सिंह, महेंद्र पाण्डेय, वीरेंद्र यादव, प्रीति अग्निहोत्री, सुनीता वर्मा, श्यामसुंदर सिंह, सुधीर सिंह, इरा सिंह, देवेंद्र यादव, अच्युतानंद, अजय सिंह, सपना, अरुण, रत्नाकर, कन्हैयालाल गुप्ता आदि शिक्षक उपस्थित रहे.


















