फौज से लौटे, अब समाज के सच्चे सिपाही! गरीबों की शिक्षा, बेटियों की शादी और सेवा का उठाया बीड़ा
चंदौली : सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद कैलावर गांव निवासी सुनील यादव ने समाज सेवा को अपना नया मिशन बना लिया है। उन्होंने सहयोग सेवा ट्रस्ट के माध्यम से गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद का अभियान शुरू किया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में सुनील यादव ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और निष्काम सेवा के जरिए एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर समाज के निर्माण का संकल्प लिया है।
पत्रकार वार्ता में सुनील यादव ने बताया कि सेना में रहकर उन्होंने देश की सेवा की और अब सेवानिवृत्ति के बाद समाज की सेवा को अपना कर्तव्य बनाया है। उन्होंने कहा कि सहयोग सेवा ट्रस्ट की स्थापना 22 नवंबर 2025 को हुई थी। अल्प समय में ही ट्रस्ट ने कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। वर्तमान में ट्रस्ट 20 जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा का पूरा खर्च वहन कर रहा है, जबकि 10 निर्धन बेटियों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। इसके अलावा 30 गरीब बच्चों का विभिन्न विद्यालयों में प्रवेश कराने की प्रक्रिया भी चल रही है।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी के माध्यम से वंचित वर्ग के उत्थान के लिए कार्य करना है। संस्था गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाने, निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित करने तथा जरूरतमंदों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का कार्य कर रही है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, हरित अभियान और टिकाऊ विकास को भी ट्रस्ट अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किए हुए है।
सुनील यादव ने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि “आइए, हाथ मिलाएं एक बेहतर कल के लिए।” उन्होंने बताया कि ट्रस्ट का मुख्य कार्यालय वाराणसी में स्थित है और विभिन्न जिलों में सेवा कार्यों का विस्तार किया जा रहा है।
इस अवसर पर आनंद सिंह, मुलायम यादव, सेवानिवृत्त सैनिक राजू विश्वकर्मा, अनुज सिंह तथा रवि सिंह सहित अन्य सहयोगी भी उपस्थित रहे। सभी ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने के संकल्प को दोहराते हुए ट्रस्ट के माध्यम से जनकल्याण के कार्यों को और गति देने की बात कही।


















