बलुआ गंगा तट पर एनडीआरएफ का मेगा रेस्क्यू अभ्यास, बाढ़ व डूबने से बचाव का दिया प्रशिक्षण
चंदौली : जनपद में संभावित बाढ़ और जलजनित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से शनिवार को बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 11वीं वाहिनी, वाराणसी द्वारा एक विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान नागरिक सुरक्षा कार्मिकों, आपदा मित्रों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों को बाढ़ एवं डूबने की स्थिति में बचाव के व्यावहारिक तरीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
यह विशेष अभियान एनडीआरएफ के डीआईजी मनोज कुमार शर्मा के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसमें टीम कमांडर इंस्पेक्टर राजेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में 30 सदस्यीय प्रशिक्षित एनडीआरएफ टीम ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान नदी में डूबते व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने की तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया गया। साथ ही एनडीआरएफ के कुशल गोताखोरों ने डूबे हुए व्यक्ति को खोजकर बाहर निकालने की प्रक्रिया का भी अभ्यास के माध्यम से प्रदर्शन किया, जिसे देखकर उपस्थित लोगों ने काफी रुचि दिखाई।
अभ्यास के दौरान प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की बारीक जानकारियां भी दी गईं। इसके अलावा, बाढ़ के समय घरेलू वस्तुओं जैसे प्लास्टिक की बोतल, रस्सी, कपड़े आदि का उपयोग कर किस प्रकार जान बचाई जा सकती है, इस पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। एनडीआरएफ टीम ने बताया कि आपदा के समय घबराने के बजाय सूझ-बूझ और सही तकनीक अपनाकर कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
इस अवसर पर टीम कमांडर इंस्पेक्टर राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि एनडीआरएफ द्वारा समय-समय पर इस तरह के प्रशिक्षण अभियान इसलिए चलाए जाते हैं ताकि आमजन को जलजनित आपदाओं के प्रति जागरूक किया जा सके और आपात स्थिति में लोग स्वयं की एवं दूसरों की सहायता कर सकें। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही आपदा प्रबंधन की सबसे बड़ी ताकत है।
कार्यक्रम के दौरान नायब तहसीलदार सकलडीहा राजेन्द्र प्रसाद, डिप्टी सीएमओ सकलडीहा, बलुआ थानाध्यक्ष अतुल कुमार, राकेश कुमार सिंह ‘पिंकू’ सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एनडीआरएफ टीम की कार्यप्रणाली और समर्पण की सराहना की।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों ने एनडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आम जनता के लिए अत्यंत उपयोगी और जीवन रक्षक सिद्ध होते हैं।


















