भीषण शीत लहर का असर, चंदौली में नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूल 29 व 30 दिसंबर को बंद

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भीषण शीत लहर का असर, चंदौली में नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूल 29 व 30 दिसंबर को बंद

चंदौली : जिले में लगातार बढ़ रही शीत लहर और तापमान में भारी गिरावट को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अनुमति दिनांक 28 दिसंबर 2025 के क्रम में यह आदेश जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले में भीषण ठंड और घना कोहरा छाए रहने के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत एहतियातन कदम उठाया गया है।

जारी आदेश के अनुसार, जनपद चंदौली के बेसिक शिक्षा परिषद के सभी विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों एवं समस्त बोर्डों के सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में प्री-प्राइमरी/नर्सरी से कक्षा 8 तक की कक्षाओं का पठन-पाठन दिनांक 29 एवं 30 दिसंबर 2025 तक पूर्ण रूप से स्थगित रहेगा। इस अवधि में विद्यार्थियों को विद्यालय नहीं आना होगा।

हालांकि, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं अन्य कर्मियों को प्रातः 10:00 बजे से अपरान्ह 03:00 बजे तक विद्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा।

इस दौरान वे विद्यालय से संबंधित आवश्यक कार्यों का संपादन करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से एस.आई.आर. (स्टूडेंट इन्फॉर्मेशन रिकॉर्ड), ऑनलाइन प्रशिक्षण, अर्द्धवार्षिक परीक्षा का परीक्षाफल तैयार करना, डीबीटी से जुड़े कार्य, यू-डायस/अपार फीडिंग, जीरो पावर्टी योजना तथा अन्य विभागीय निर्देशों के तहत सौंपे गए दायित्व शामिल हैं।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों एवं विद्यालय प्रबंधन से आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि है, इसलिए मौसम की गंभीरता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

प्रशासन के इस फैसले से जहां अभिभावकों ने राहत की सांस ली है, वहीं शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन को भी निर्देशों के अनुसार कार्य करने को कहा गया है। ठंड और कोहरे की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी निर्णय लिया जा सकता है।