UP DGP प्रशांत कुमार की बनाई फेक इंस्टाग्राम ID, कर रहा था धन उगाही, पुलिस ने साइबर जालसाज को किया गिरफ्तार
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक की फेक आईडी मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. डीजीपी प्रशांत कुमार की फेक इंस्टाग्राम आईडी बनाकर जयपुर में हुई दुर्घटना के पीड़ितों की मदद के नाम पर धन उगाही करने के आरोपित रिटायर्ड दरोगा के बेटे को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपित ने डीजीपी के नाम से फेक यूट्यूब चैनल भी बनाया था. पुलिस के मुताबिक आरोपित ने आईटीआई पास है.
आरोपित ने डीजीपी प्रशांत कुमार के नाम पर फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट prashantk_dgp.up बनाया था. इस अकाउंट में डीजीपी की प्रोफाइल फोटो भी लगी हुई थी. कुछ दिनों पहले जयपुर में सड़क हादसा हुआ था. हादसे में घायल लोगों की आर्थिक मदद के नाम पर इंस्टाग्राम आईडी से रुपये की मांग की जा रही थी. रुपये भेजने के लिए क्यूआर कोड भी पोस्ट किया गया था.
30 दिसंबर को दर्ज हुआ एफआईआर दर्ज
मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन लखनऊ में 30 दिसंबर को एफआईआर भी दर्ज की गई थी. पुलिस की जांच में सामने आया कि डीजीपी के नाम पर फर्जी यू-ट्यूब चैनल Prashant Kumar IPS (@Prashantk_DGPup) भी बनाया गया है. प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार यादव ने बताया कि आरोपित अमित कुमार की लोकेशन सहारनपुर में मिली. पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया. पकड़ा गया आरोपित सहारपुर के नांगल इलाके का रहने वाला है. उसके पिता पुलिस से दरोगा के पद से रिटायर हुए हैं. उसका एक भाई सिपाही है.
फेक आईडी के 76 हजार फॉलोवर
अमित कुमार ने पूछताछ में बताया कि उसने वर्ष 2022 में डीजीपी की फेक आईडी बनाई थी. प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन को लेकर डीजीपी ने दौरा किया था. उसकी फोटो ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर पोस्ट की थीं. इन फोटो को उनके एक्स हैंडल से डाउनलोड कर फेक आईडी पर पोस्ट कर दी थी. आरोपित की फेक इंस्टाग्राम आईडी पर लगभग 76 हजार फॉलोवर हो गए थे.
ब्लू टिक वेरीफाइड
फेक इंस्टाग्राम आईडी को असली साबित करने के लिए आरोपित ने ब्लू टिक भी वेरीफाइड करवा लिया था. पुलिस के मुताबिक आरोपित ने जयपुर के हादसे में घायल लोगों की मदद के नाम क्यूआर कोड अपलोड कर दिया था. उसके जरिए काफी रुपये भी कमा लिए थे.


















