तेरहवीं से पहले नहर सफाई बनी मुसीबत, सड़क पर मलबा डालकर आवागमन बाधित करने का आरोप

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तेरहवीं से पहले नहर सफाई बनी मुसीबत, सड़क पर मलबा डालकर आवागमन बाधित करने का आरोप

चंदौली : पितृशोक की घड़ी में भी जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता देने वाले सैयदराजा विधानसभा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने दशवां संस्कार पूरा करते ही अपने क्षेत्र की समस्याओं पर गंभीर स्वर में टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में क्षेत्र में जो कार्य हो रहे हैं, उनमें न तो पारदर्शिता है और न ही जनहित की भावना। उनके अनुसार जिले के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े होते हैं।

माधोपुर पहुंचने वाले मुख्य मार्ग पर नहर सफाई ने खड़ी की बड़ी समस्या

पूर्व विधायक ने बताया कि 8 दिसंबर को उनके पैतृक गांव माधोपुर में स्थित आवास पर उनके स्वर्गीय पिता रामअवध सिंह की तेरहवीं का आयोजन होना तय है। इसी दौरान क्षेत्र में कुछ स्थानीय राजनेताओं और विभाग के लोगों ने अचानक तेजी दिखाते हुए माधोपुर गांव जाने वाले मार्ग से सटी नहर की सफाई का काम शुरू करा दिया। सफाई के नाम पर नहर से निकली मिट्टी, कीचड़ और ठोस मलबा सीधे सड़क पर डाल दिया गया, जिससे पूरा मार्ग गंदगी से पटा हुआ है। खुदाई से निकला भारी मलबा सड़क पर ऐसे फैला है कि आम आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।

ग्रामीणों को हो रही सबसे बड़ी दिक्कतें

पूर्व विधायक ने बताया कि पैदल चलने वालों की चाल तक मुश्किल है वही बाइक और साइकिल का निकलना दुष्कर हो गया है। सड़क पर कीचड़ जैसी स्थिति हो गई है। ठोस मलबा और झाड़ सड़क के आधे हिस्से को ढके हुए है। दोनों ओर से वाहन आने पर निकलना असंभव है। वही ग्रामीणों ने इसे पूरी तरह “राजनीतिक द्वेष” से प्रेरित बताया। उनका कहना है कि यह कार्य तेरहवीं कार्यक्रम से पहले जान-बूझकर कराया गया है, जबकि इसे दो-तीन दिन बाद भी कराया जा सकता था। ग्रामीणों में इस कार्य को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिला।

पूर्व विधायक ने उठाया बड़ा सवाल – आखिर इतनी जल्दबाजी क्यों?

मनोज सिंह डब्लू ने नहर सफाई की टाइमिंग को संदिग्ध बताया। उन्होंने कहा कि सफाई कार्य जनहित में होता है, लेकिन इसकी आड़ में किसी परिवार को कठिनाई में डालना या राजनीतिक लाभ लेना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने संबंधित ठेकेदार, विभागीय अधिकारियों तथा स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मामला गहन जांच का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र और गांव के लोग इस घटना से दुखी और नाराज हैं। “आज ग्रामीण जिस परेशानी से गुजर रहे हैं, वह अधिकारियों की लापरवाही और असंवेदनशीलता का परिणाम है।”

अगले ही सप्ताह होगा विधानसभा क्षेत्र का व्यापक दौरा

पूर्व विधायक ने भरोसा दिया कि 8 दिसंबर के बाद वह स्वयं पूरे विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेंगे और नहरों तथा माइनरों की सफाई व्यवस्था की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि “यदि सफाई कार्य में लापरवाही या भ्रष्टाचार मिला, तो सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इसका सीधा जवाब देना होगा। किसानों की समस्याओं से खिलवाड़ किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि किसान और ग्रामीण लंबे समय से पानी, सिंचाई और नहरों की जर्जर व्यवस्था से परेशान हैं। यह समय है जब सरकार और विभाग को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए, न कि राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति।

ग्रामीणों में उबाल, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

घटना के बाद माधोपुर सहित आसपास के ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। लोगों ने कहा कि नहर से निकली गाद और मलबा सड़क पर डालकर गांव के हजारों लोगों की आवाजाही बाधित कर दी गई है। ऐसे में कार्यक्रम में आने-जाने वालों को भी परेशानी झेलनी होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की तत्काल सफाई कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।