मेडिकल कॉलेज में वकीलों का बवाल, बदसलूकी के आरोप पर हंगामा, माफी के बाद थमा विवाद

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मेडिकल कॉलेज में वकीलों का बवाल, बदसलूकी के आरोप पर हंगामा, माफी के बाद थमा विवाद

चंदौली : जिले में स्थित बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज उस समय अचानक सुर्खियों में आ गया, जब एक अधिवक्ता के साथ कथित बदसलूकी को लेकर परिसर में जमकर हंगामा और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और करीब एक घंटे तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।

पार्किंग विवाद से भड़की चिंगारी, “देख लेने” तक पहुंची बात

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक अधिवक्ता अपनी बीमार मां का इलाज कराने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। इसी दौरान पार्किंग को लेकर उनकी वहां तैनात सुरक्षाकर्मी से कहासुनी हो गई। आरोप है कि सुरक्षाकर्मी ने अधिवक्ता के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे विवाद ने तूल पकड़ लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मामूली कहासुनी कुछ ही देर में तीखी बहस में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच “देख लेने” तक की बात होने लगी। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए और सुरक्षाकर्मी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

सुरक्षाकर्मी को हटाने की मांग पर अड़े अधिवक्ता

गुस्साए अधिवक्ताओं ने मेडिकल कॉलेज परिसर में जमकर नारेबाजी शुरू कर दी और सुरक्षाकर्मी को हटाने की मांग पर अड़ गए। इस दौरान अधिवक्ताओं ने गोरिल्ला शैली में प्रदर्शन किया, जिससे पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। मरीजों और उनके परिजनों को भी इस हंगामे के कारण काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।

मौके पर पहुंची पुलिस, हालात संभालने में जुटी

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लेने का प्रयास किया। पुलिस ने अधिवक्ताओं को समझाने-बुझाने की कोशिश की, लेकिन कुछ समय तक प्रदर्शन जारी रहा।

सुरक्षाकर्मी की माफी के बाद थमा विवाद

इसी बीच, आकस्मिक चिकित्सक और कॉलेज प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हुई। काफी समझाइश के बाद सुरक्षाकर्मी ने अधिवक्ता से माफी मांगी, जिसके बाद मामला धीरे-धीरे शांत हो गया और अधिवक्ताओं ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने देने का आश्वासन दिया है। वहीं पुलिस भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है, ताकि दोबारा किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।