कलेक्ट्रेट पहुंचे पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, जनसमस्याओं को लेकर डीएम से की मुलाकात

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कलेक्ट्रेट पहुंचे पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, जनसमस्याओं को लेकर डीएम से की मुलाकात

चंदौली : जनपद की जमीनी समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव एक बार फिर मुखर नजर आए। बुधवार को वे कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से मुलाकात कर जिले की विभिन्न जनसमस्याओं को विस्तार से उनके समक्ष रखा। इस दौरान उनके साथ पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की भी मौजूदगी रही।

जनसमस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन

पूर्व सांसद ने जिलाधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि कई गांवों में आज भी पेयजल संकट बना हुआ है, बिजली की अनियमित आपूर्ति से लोग परेशान हैं, वहीं जर्जर सड़कों के कारण आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं।

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में न तो पर्याप्त डॉक्टर हैं और न ही दवाइयों की उपलब्धता, जिससे गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके अलावा राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों को भी उन्होंने प्रमुखता से उठाया।

जनता की समस्याओं पर जताई गंभीर चिंता

रामकिशुन यादव ने कहा कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण आम जनता की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश देकर समयबद्ध तरीके से समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

डीएम ने दिया आश्वासन

जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने पूर्व सांसद की बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि सभी संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का निस्तारण कराया जाएगा।

केंद्र सरकार पर साधा निशाना

मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में कोरोना जैसी स्थिति बनने की आशंका जताना सरकार की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के चलते ही देश को बार-बार संकट की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश नीति पूरी तरह से असफल रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति कमजोर हुई है। इसके साथ ही उन्होंने “डबल इंजन सरकार” पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल की जगह टकराव देखने को मिल रहा है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

आंदोलन की चेतावनी

पूर्व सांसद ने साफ कहा कि यदि जल्द ही जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो समाजवादी पार्टी आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता जनता के हक के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेंगे और प्रशासन को जवाबदेह बनाएंगे।

इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में काफी हलचल देखने को मिली और स्थानीय लोगों ने भी अपनी समस्याएं पूर्व सांसद के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाने की कोशिश की।