बंद कमरे में हुई दिशा समिति की बैठक, मीडिया को रखा गया बाहर, पहली बार दिखी सपा और भाजपा की जुगलबंदी

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बंद कमरे में हुई दिशा समिति की बैठक, मीडिया को रखा गया बाहर, पहली बार दिखी सपा और भाजपा की जुगलबंदी

चंदौली : जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक समाजवादी पार्टी के सांसद बीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। हालांकि इस बार की बैठक कई मायनों में अलग रही, क्योंकि पूरे कार्यक्रम को बंद कमरे में आयोजित किया गया और मीडिया प्रतिनिधियों को बैठक से दूर रखा गया।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में जिले के विकास कार्यों, केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति तथा भविष्य की विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जनपद के विकास का खाका तैयार करने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

सबसे अधिक चर्चा का विषय यह रहा कि जिले की इतनी महत्वपूर्ण बैठक में मीडिया की एंट्री पर रोक लगा दी गई। बंद कमरे में चल रही बैठक को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कई लोगों का मानना है कि पिछली दिशा समिति की बैठक में हुए तीखे विवाद और सार्वजनिक किरकिरी के बाद इस बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरती।

बैठक के दौरान पहली बार समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधियों के बीच कई मुद्दों पर सहमति और समन्वय देखने को मिला। राजनीतिक जानकार इसे विकास के मुद्दों पर सकारात्मक संकेत मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे विवादों से बचने की रणनीति भी बता रहे हैं।

मीडिया को बैठक से बाहर रखने के फैसले पर प्रशासनिक अधिकारियों ने भी कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी। पूरे मामले पर अधिकारियों की चुप्पी चर्चा का विषय बनी रही।

सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी के जवान तैनात किए गए थे। बैठक स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दिशा समिति की इस बंद कमरे में हुई बैठक से जिले के विकास को लेकर क्या महत्वपूर्ण निर्णय सामने आते हैं और उनका आम जनता को कितना लाभ मिल पाता है।