बाल संरक्षण योजनाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, बाल श्रम, बाल विवाह और वन स्टॉप सेंटर को लेकर दिए कड़े निर्देश

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बाल संरक्षण योजनाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, बाल श्रम, बाल विवाह और वन स्टॉप सेंटर को लेकर दिए कड़े निर्देश

चंदौली : जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी ने योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने रखे, जिस पर जिलाधिकारी ने सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी किए।

बैठक में बताया गया कि श्रम विभाग द्वारा बाल श्रम से रेस्क्यू किए गए बच्चों को किशोर न्याय अधिनियम (जे.जे. एक्ट) के प्रावधानों के तहत बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं श्रम प्रवर्तन अधिकारी को संयुक्त रूप से संयुक्त निदेशक (अभियोजन) से समन्वय स्थापित कर अभिमत प्राप्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

वन स्टॉप सेंटर चंदौली की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु बजट आवंटन के संबंध में शीघ्र पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए। साथ ही ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से अधिक संख्या में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा लोगों को शपथ दिलाने पर जोर दिया। वही जिला प्रोबेशन अधिकारी के सम्प्रेक्षण गृह एवं महिला शरणालय के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी से समन्वय स्थापित कर संबंधित उपजिलाधिकारी स्तर से भूमि चिन्हांकन कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत उपजिलाधिकारी सदर स्तर पर सत्यापन हेतु लंबित 47 आवेदनों पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए तत्काल समन्वय कर सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त कर अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया गया, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अंतर्गत नवनिर्मित पोर्टल पर लंबित मामलों के निस्तारण हेतु सभी विकास खंडों के एडीओ समाज कल्याण के साथ सामूहिक प्रशिक्षण आयोजित करने तथा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्पॉन्सरशिप योजना के लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से ऑनलाइन बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए।

राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई चंदौली में स्वीकृत क्षमता से अधिक बच्चों के आवासित होने को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने बच्चों की समुचित देखभाल के लिए अतिरिक्त आया की तैनाती हेतु पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए।
वन स्टॉप सेंटर में प्रकरणों की संख्या कम होने पर जिलाधिकारी ने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ महिला थाने से समन्वय स्थापित कर पीड़ित महिलाओं को काउंसलिंग एवं अन्य लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों के 100 मीटर के दायरे में नशीली सामग्री की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, परियोजना अधिकारी डूडा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, निरीक्षक एएचटीयू, जिला आबकारी अधिकारी, प्रबंधक अग्रणी बैंक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, बाल कल्याण समिति व किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष/सदस्य सहित जिला प्रोबेशन अधिकारी व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।