रामगढ़ मठ में धूमधाम से मनाई गई अघोराचार्य बाबा कीनाराम की छठ्ठी

182

रामगढ़ मठ में धूमधाम से मनाई गई अघोराचार्य बाबा कीनाराम की छठ्ठी

चंदौली : रामगढ़ मठ परिसर शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और आस्था के रंग में रंगा हुआ था। अवसर था संत शिरोमणि अघोराचार्य बाबा कीनाराम की छठ्ठी का, जिसे हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रातः काल से ही मठ में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।

लोकनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संस्थापक प्रबंधक धनञ्जय सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस भव्य समारोह की शुरुआत प्रातः आरती से हुई। श्रद्धालुओं ने बाबा कीनाराम जी की प्रतिमा का जलाभिषेक कर आकर्षक श्रृंगार किया, जिसके बाद पूरे विधि-विधान से हवन-पूजन और अखंड धूनी का आयोजन संपन्न हुआ। सुबह 8:00 बजे बाबा कीनाराम जी की समाधि स्थल पर विशेष पूजन-अर्चन हुआ, जहां भक्तों ने बाबा से आशीर्वाद प्राप्त कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

कार्यक्रम के दौरान पीठाधीश्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम के निर्देशानुसार सभी श्रद्धालुओं और भक्तों के लिए भव्य प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। दूर-दराज के गांवों और शहरों से आए भक्तों ने पूरे दिन पूजन-अर्चन में भाग लेकर इस पावन अवसर को यादगार बनाया।

इस अवसर पर मुख्य आयोजक धनञ्जय सिंह ने बाबा कीनाराम जी के आदर्शों और दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “अघोराचार्य बाबा कीनाराम जी सामाजिक समरसता के मूर्त प्रतीक थे। उन्होंने अखंड भारत में समतामूलक समाज की अलख जगाई। बाबा ने अस्पृश्यता, ऊंच-नीच और जमींदारी जैसी कुरीतियों का खुलकर विरोध किया और समाज को समानता के सूत्र में पिरोने का कार्य किया। ऐसे महान संत के कर्मभूमि को नमन करते हुए हमें उनके आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए।”

धनञ्जय सिंह ने आगे कहा कि बाबा कीनाराम ने समाज में नई सोच, नई दिशा और नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने अत्याचारी शासकों और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष छेड़ते हुए बाल विवाह, अंधविश्वास, ऊंच-नीच के भेदभाव जैसी बुराइयों का विरोध किया और समाज को स्वच्छ, सशक्त और एकजुट बनाने का बीड़ा उठाया।

समारोह के दौरान श्रद्धालु “बाबा कीनाराम” के जयघोष के साथ उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेते नजर आए। मठ परिसर भक्ति गीतों, मंत्रोच्चार और घंटा-घड़ियाल की गूंज से दिव्य माहौल में परिवर्तित हो गया।

इस पावन अवसर पर अभय कुमार पीके, समित सिंह, सुधिद्र पांडेय, प्रभुनाथ पांडेय, दिनेश सोनकर, मुलायम यादव, अशोक कुशवाहा, मुकेश साहनी, पुरोहित देवदत्त पांडेय, भग्गु पांडेय, अमृत प्रकाश पांडेय, किशन चौरसिया, कपिल पांडेय, श्याम नन्दन गुप्ता सहित अनेक श्रद्धालु, संत और गणमान्यजन उपस्थित रहे।

रामगढ़ मठ में आयोजित यह भव्य छठ्ठी समारोह न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव साबित हुआ, बल्कि बाबा कीनाराम जी के विचारों और आदर्शों को समाज तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम भी बना।