प्रतापपुर में नाबदान विवाद से ग्रामीण परेशान, कलेक्ट्रेट में जताया आक्रोश, डीएम ने दिया समाधान का आश्वासन
चंदौली : सदर कोतवाली क्षेत्र के प्रतापपुर गांव में नाबदान का पानी रोकने को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव की बदहाल स्थिति और जलजमाव से त्रस्त होकर ग्रामीण बड़ी संख्या में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और न्यायिक मजिस्ट्रेट रतन वर्मा को ज्ञापन सौंपा।
प्रभावशाली लोगों पर नाबदान रोकने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा जबरन नाबदान के बहाव को रोका जा रहा है, जिससे करीब दो दर्जन घर बुरी तरह प्रभावित हैं। गलियों में गंदा पानी भर जाने से न केवल लोगों के आने-जाने में दिक्कत हो रही है, बल्कि संक्रमण का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।

शिकायतों के बाद भी नहीं मिला समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। मजबूर होकर उन्हें कलेक्ट्रेट का रुख करना पड़ा। उनकी मांग है कि जल्द से जल्द नाबदान के पानी के निकास की व्यवस्था की जाए ताकि गांव की स्थिति सामान्य हो सके।

नाबदान समस्या पर शीघ्र कार्रवाई का मिला आश्वासन”
वही इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने डीएम चंद्र मोहन गर्ग से मिलकर समस्याओं को अवगत कराया। जिसपर डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई और शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लें और जल्द से जल्द समस्या का निस्तारण करें।

निष्कर्ष
प्रतापपुर गांव के लोगों की नाराजगी अब प्रशासन के दरवाजे तक पहुंच चुकी है। यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो गांव में जनजीवन और भी प्रभावित हो सकता है।


















