बीएसएनएल नेटवर्क बना परेसानी का सबब, लोगों में आक्रोश, मजबूरी में बदल रहे सिम कार्ड
चंदौली : चहनियां कस्बा इन दिनों भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) की लचर नेटवर्क सेवा से परेशान है। पिछले कई दिनों से मोबाइल नेटवर्क इतना खराब हो गया है कि लोगों के मोबाइल शो-पीस बनकर रह गए हैं। कॉल करने पर बार-बार “नॉट रिचेवेबल” सुनाई देता है, जबकि इंटरनेट सेवा पूरी तरह से ठप पड़ी है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग मजबूरी में निजी कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं और BSNL के सिम कार्ड को बदलने को विवश हो गए हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बीएसएनएल की यह स्थिति हाल ही में आई आंधी और बारिश के बाद से और भी खराब हो गई है। नेटवर्क समस्या की शुरुआत उसी समय से हुई और अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है। कस्बे में रहने वाले लोग रोजमर्रा के कामों के लिए मोबाइल नेटवर्क पर निर्भर हैं, लेकिन BSNL की नाकाम सेवाओं ने उन्हें भारी असुविधा में डाल दिया है।
सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर भी पड़ रहा असर
चहनियां कस्बा सहित पुलिस थाने से लेकर अन्य सरकारी कार्यालयों तक अधिकतर फोन नंबर BSNL से जुड़े हैं। नेटवर्क की इस विफलता का असर अब सरकारी कामकाज पर भी दिखने लगा है। कई बार थानों, पंचायत कार्यालयों और अन्य सरकारी दफ्तरों में संपर्क नहीं हो पा रहा, जिससे आम जनता के काम अटक रहे हैं।
लोगों का फूटा गुस्सा, अधिकारी कर रहे अनदेखी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद न तो बीएसएनएल के अधिकारी कुछ कर रहे हैं और न ही स्थानीय कर्मचारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं। लोगों का आरोप है कि अधिकारियों का रवैया बेहद लापरवाह और मनमाना है। इससे कस्बे के लोगों में भारी आक्रोश है।
सरकारी योजनाओं पर भी उठे सवाल
यह विडंबना ही है कि केंद्र सरकार जहां BSNL को बढ़ावा देकर लोगों को महंगे निजी रिचार्ज से राहत दिलाना चाहती है, वहीं बीएसएनएल की जमीनी हकीकत सरकार की मंशा पर पानी फेर रही है। खराब नेटवर्क सेवा लोगों को एक बार फिर महंगे प्राइवेट नेटवर्क की ओर धकेल रही है।
स्थानीय जनता की मांग
चहनियां कस्बे के नागरिकों ने बीएसएनएल नेटवर्क की समस्या का शीघ्र समाधान किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द से जल्द सेवा बहाल नहीं की गई, तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। लोगों की मांग है कि बीएसएनएल को अपनी सेवा की गुणवत्ता में सुधार कर जनता को बेहतर सुविधा देनी चाहिए।
निष्कर्ष
चहनियां कस्बा आज बीएसएनएल की तकनीकी विफलता का शिकार बना हुआ है। यह समस्या न केवल आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन रही है, बल्कि सरकारी व्यवस्था को भी बाधित कर रही है। ऐसे में प्रशासन और बीएसएनएल अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान करें, ताकि जनता को राहत मिल सके और सरकार की डिजिटल इंडिया जैसी योजनाएं सार्थक सिद्ध हो सकें।


















