नवरात्रि पर्व पर शक्ति वाटिका आस्था एवं हरियाली के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित
चंदौली : चैत्र शुक्ल पक्ष संवत 2082 के शुभ अवसर पर नवरात्रि पर्व के चौथे दिन बुधवार को खंडवारी ग्राम सभा स्थित काली माता मंदिर परिसर में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी नित्यानंद पाण्डेय के नेतृत्व में किया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक आस्था को एक नई दिशा देना था।
वृक्षारोपण का उद्देश्य और संदेश
वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी नित्यानंद पाण्डेय ने इस अवसर पर बताया कि ‘शक्ति वाटिका आस्था एवं हरियाली’ अभियान के तहत चैत्र शुक्ल पक्ष में मां आदि शक्ति नव दुर्गा के नाम पर पौधरोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम है बल्कि हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को भी संजोने का प्रयास है। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे अपने घरों और मंदिर परिसरों में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी प्रकाश प्रसाद, खंडवारी ग्राम प्रधान सावित्री गुप्ता, प्रधान पति सतीश गुप्ता सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। इन सभी ने वृक्षारोपण में सक्रिय रूप से भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक इस पुनीत कार्य में सहभागी बने तो आने वाले समय में हरियाली और स्वच्छ वातावरण का निर्माण होगा।
रोपित किए गए वृक्षों की प्रजातियां
कार्यक्रम के दौरान पीपल, आंवला, नीम, कदम, अनार, गोल्ड मोहर आदि प्रजातियों के दर्जनों पौधे रोपित किए गए। पीपल और नीम जैसे वृक्ष न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि पर्यावरण शुद्धिकरण में भी सहायक होते हैं। वहीं, आंवला और अनार जैसे वृक्ष औषधीय गुणों से भरपूर हैं, जो स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करते हैं।
स्थानीय लोगों की भागीदारी और संकल्प
इस वृक्षारोपण अभियान में वन विभाग के अभिषेक यादव, जितेंद्र यादव, राम दुलार यादव, मोहम्मद शकील, मनोज सहित कई अन्य स्थानीय लोग भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने न केवल वृक्षारोपण किया बल्कि यह संकल्प भी लिया कि वे लगाए गए पौधों की देखभाल करेंगे और समय-समय पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
भविष्य की योजना और संदेश
वन विभाग द्वारा इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर नहीं होना चाहिए, बल्कि हर नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होनी चाहिए। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे, तो आने वाले समय में हरियाली से आच्छादित वातावरण बन सकता है। नवरात्रि जैसे पावन अवसर पर किया गया यह कार्य धार्मिक आस्था को और अधिक सुदृढ़ करेगा और पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
समापन और आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम के अंत में क्षेत्रीय वन अधिकारी नित्यानंद पाण्डेय ने सभी उपस्थित लोगों का आभार प्रकट किया और पर्यावरण संरक्षण हेतु निरंतर कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभियान आगे भी जारी रहेंगे और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाएगा।
इस वृक्षारोपण कार्यक्रम के सफल आयोजन से स्थानीय लोगों में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के प्रति जागरूकता बढ़ी और उन्होंने भी इस अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व को जोड़ते हुए एक नई दिशा प्रदान की।


















